भारत में कोरोना कहर के बीच राहत की खबर है। देश में अगस्त से दिसंबर तक कोविड वैक्सीन की बड़ी संख्या में खुराक उपलब्ध होगी। नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल का कहना है कि देश में अगस्त से दिसंबर तक कुल 216 करोड़ वैक्सीन डोज उपलब्ध होने की उम्मीद है।
इनमें देश की कोवाक्सिन और कोविशील्ड के अतिरिक्त कई विदेशी वैक्सीन भी शामिल हैं। कोई भी वैक्सीन जिसे डब्ल्यूएचओ या एफडीए ने मंजूरी दी है, वह भारत आ सकती है। सरकार की ओर से इंपोर्ट लाइसेंस भी दो दिन में दे दिया जाएगा।
रूस की स्पूतनिक-V अगले हफ्ते से उपलब्ध
रूस की स्पूतनिक-V वैक्सीन अगले हफ्ते से देश के लोगों के लिए उपलब्ध होगी। इसे मई की शुरुआत में भी आयात किया गया था। जुलाई से भारत में इसका उत्पादन भी शुरू हो जाएगा।
गौरतलब है कि घरेलू आपूर्ति देश में पूरी मांग को पूरा नहीं कर पा रही है। दिल्ली, महाराष्ट्र सहित कई राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने कोरोना वैक्सीन की कमी की बात कही है। ऐसे में टीके की खरीद के लिए वैश्विक निविदाओं का विकल्प चुनने का फैसला भी कई राज्य करने पर विचार कर रहे हैं।
टीके की कमी स्वीकार करते हुए पॉल ने कहा कि टीके महत्वपूर्ण हैं ‘लेकिन उनके उत्पादन और उन्हें उपलब्ध कराने में समय लगता है। हम ऐसे चरण से गुजर रहे जब आपूर्ति सीमित है।’
कोरोना की कौन सी वैक्सीन और कितनी खुराक होग उपलब्ध
सरकार की योजना के अनुसार अगस्त से दिसम्बर तक टीके की 216 करोड़ खुराक का उत्पादन होने का अनुमान है जिसमें से कोविशील्ड की 75 करोड़ खुराक जबकि कोवैक्सीन की 55 करोड़ खुराक शामिल होगी।
इसके अलावा, ‘बायोलॉजिकल ई’ द्वारा 30 करोड़ खुराक, जायडस कैडिला 5 करोड़, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा नोवावैक्स की 20 करोड़ खुराक और भारत बायोटेक द्वारा उसकी नेजल वैक्सीन की 10 करोड़ खुराकें जबकि जेनोवा 6 करोड़ खुराक और स्पुतनिक-V 15.6 करोड़ खुराक उपलब्ध कराएगी।
बायोलॉजिकल ई, जायडस कैडिला, जेनोवा, भारत बायोटेक द्वारा उसकी नेजल वैक्सीन अभी क्लीनिकल ट्रायल के विभिन्न चरणों में हैं। वहीं, फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन से टीकों की खरीद पर भी सरकार जैव प्रौद्योगिकी विभाग और विदेश मंत्रालय के माध्यम से इन कंपनियों के साथ संपर्क में है।