भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड में राज्यसभा की खाली हो रही दो सीटों पर चुनाव की तारीख की घोषणा की है। राज्य में दोनों सीट के लिए 10 जून को चुनाव है। इसके लिए 24 मई को अधिसूचना जारी की जायेगी। प्रत्याशी 31 मई तक नामांकन दाखिल कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि राज्य के दो राज्यसभा सांसदों महेश पोद्दार और मुख्तार अब्बास नकवी का कार्यकाल सात जुलाई को खत्म हो रहा है।
राज्यसभा चुनाव का शिड्यूल
अधिसूचना जारी : 24 मई
नामांकन की आखिरी तारीख : 31 मई
नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी : 01 जून
नाम वापसी की आखिरी तारीख : 03 जून
मतदान : 10 जून
मतगणना : 10 जून शाम 5 बजे से
झारखंड में मौजूदा दलीय स्थिति
राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियां जोड़-घटाव में जुट गयी हैं। 81 विधानसभा सीटों वाली झारखंड विधानसभा में सत्ता पक्ष के पास पहले 49 विधायक थे लेकिन कांग्रेस के बंधु तिर्की की विधायकी खत्म होने के अब सत्ता पक्ष के पास 48 विधायक हैं। बाबूलाल मरांडी को मिलाकर भाजपा के 26 विधायक हैं। इसके अलावा आजसू के दो विधायक हैं।
पार्टी : विधायकों की संख्या
झामुमो : 30
कांग्रेस : 17
राजद : 01
भाजपा : 26
आजसू : 02
एनसीपी : 01
निर्दलीय : 02
माले : 01
राज्यसभा चुनाव का फॉर्मूला
राज्यसभा चुनाव की जीत का फॉर्मूला लोकसभा चुनाव से बिल्कुल अलग होता है। विधानसभा में कुल सदस्यों की संख्या को रिक्त हो रही सीटों की संख्या में एक जोड़ कर भाग दिया जाता है। फिर उसमें एक और संख्या जोड़ने पर जीत का परिणाम देता है।
झारखंड विधानसभा में सदस्यों की कुल संख्या 81 है। बंधु तिर्की की सदस्यता खत्म होने के बाद यह संख्या 80 हो गयी है। छह माह के अंदर दोबारा उपचुनाव कराने की बाध्यता होती है। हालांकि, राजनीतिक जानकार बताते हैं कि उपचुनाव होना संभव नहीं। ऐसे में रिक्त हो रही दो सीटों में एक जोड़ने पर संख्या तीन हो जाती है।
कुल सदस्यों की संख्या (80) को तीन से भाग देने पर 26.66 यानी 27 आता है। इसमें एक जोड़ने पर यह संख्या 28 हो जाती है यानी पहली वरीयता में पार्टी को अपने प्रत्याशी को जीतने के लिए 28 विधायकों का समर्थन चाहिए। इस हिसाब से झामुमो अपने संख्या बल पर एक उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित कर सकता है।