रांची। रांची के पूर्व सांसद रामटहल चौधरी जल्द ही भाजपा में घर वापसी हो सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस मुतल्लिक भाजपा के वरीय नेताओं से उनकी बातचीत चल रही है। भाजपा नेता उन्हें ससम्मान पार्टी में लाना चाह रहे हैं। इस संदर्भ में झारखंड भाजपा के दो बड़े नेताओं से उनकी बातचीत हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रामटहल चौधरी पहले कांग्रेस से इस्तीफा देंगे, उसके बाद ही भाजपा में घर वापसी पर विचार करेंगे।
बता दें कि अभी कुछ दिनों पहले ही रामटहल चौधरी कांग्रेस में शामिल हुए थे। उन्होंने दिल्ली जाकर कांग्रेस की सदस्यता ली थी। रामटहल चौधरी के समर्थकों को विश्वास था कि कांग्रेस उन्हें रांची से सांसद प्रत्याशी बनायेगी। वह तैयारी भी कर रहे थे, लेकिन अंतिम समय में कांग्रेस ने रांची से पूर्व सांसद और कांग्रेसी नेता सुबोधकांत सहाय की बेटी यशस्विनी सहाय को टिकट दे दिया। यशस्विनी सहाय राजनीति में बिल्कुल नयी हैं। कांग्रेस के टिकट की घोषणा होने के बाद रामटहल चौधरी के समर्थकों को घोर निराशा हुई। खुद रामटहल चौधरी भी स्तब्ध रह गये। उनके समर्थकों का कहना है कि कांग्रेस ने रामटहल चौधरी के साथ धोखा किया है। इधर रामटहल चौधरी ने भी बुधवार को यह बयान दिया कि झारखंड में इंडी गठबध्ांन हारने के लिए चुनाव लड़ रहा है।
बता दें कि 2019 के पूर्व रामटहल चौधरी भाजपा के समर्पित सिपाही थे। वह तीन बार से लगातार भाजपा के टिकट पर चुनाव जीत रहे थे। 2019 में उनका टिकट काट कर संजय सेठ को पार्टी ने रांची से उम्मीदवार बनाया। वह चुनाव में ढाई लाख से अधिक वोटों से विजयी हुए। उधर टिकट कटने से आहत रामटहल चौधरी निर्दलीय मैदान में उतर गये। उस चुनाव में उन्हें लगभग तीस हजार वोट मिले। उसके बाद से उनके समर्थक भी इस प्रयास में थे कि रामटहल चौधरी की घर वापसी हो जाये, लेकिन किन्हीं कारणों से बात नहीं बनी थी। इसी बीच कांग्रेस के नेताओं ने रामटहल चौधरी से संपर्क साधा और वह पंद्रह दिन पहले दिल्ली जाकर कांग्रेस में शामिल हो गये। अब टिकट नहीं मिलने के कारण वह भी आहत हैं। कांग्रेस में शामिल होते वक्त उन्हें लगा था कि उनके कद को देखते हुए पार्टी उन्हें रांची से प्रत्याशी बनायेगी, लेकिन अंतिम समय में पार्टी ने उन्हें टरका दिया। इस बीच भाजपा में उनके समर्थक कार्यकर्ताओं ने उनसे कहा कि आपका असली ठिकाना भाजपा ही है। इधर भाजपा के दो बड़े नेताओं से उनकी बातचीत हुई है। प्रदेश के भाजपा नेताओं को लगता है कि रामटहल चौधरी के भाजपा में आ जाने से जो थोड़े-बहुत मतदाता भाजपा से दूर हो गये थे, वे भाजपा से जुड़ जायेंगे। खासकर रांची के ग्रामीण इलाकों में भाजपा को लाभ होगा। रामटहल चौधरी के आने के बाद भाजपा को सोनाहातू, तमाड़, इचागढ़ और ओरमांझी क्षेत्रों में फायदा होगा। झारखंड के कुछ और क्षेत्रों के कुर्मी मतदाताओं पर रामटहल चौधरी का प्रभाव है। भाजपा के नेताओं से उनका संपर्क हुआ है। बातचीत से लगता है कि रामटहल चौधरी भाजपा में शामिल हो सकते हैं। शामिल होने के पहले वह सम्मानजनक परिणाम चाहते हैं। सूत्रों का कहना है कि रामटहल चौधरी शनिवार की शाम कांग्रेस से इस्तीफा दे देंगे। इस संदर्भ में जब रामटहल चौधरी से बातचीत की गयी, तो उनका कहना था कि अभी सोच रहे हैं। पहले कांग्रेस से वह इस्तीफा देंगे। उसके बाद ही आगे का रास्ता तय करेंगे।
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