आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। झारखंड के डीजीपी ने सोमवार को आला अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखें और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठायें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जो भी लंबित मामले हैं, उनका जल्द से जल्द निष्पादन हो। बैठक में सर्वप्रथम अपराध अनुसंधान विभाग, झारखंड द्वारा राज्य के वर्तमान अपराधिक परिदृश्य जिसमें राज्य में लंबित वारंट कुर्की की अद्यतन स्थिति, पुराने लंवित कांडों की अद्यतन स्थिति, पोक्सो एक्ट, हत्या, मानव तस्करी, साइबर अपराध, अवैध मादक पदार्थ, अवैध शराब अवैध उत्खनन और अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज कांडों के संबंध में प्रस्तुति दी गयी। बैठक में डीजीपी ने झारखंड राज्य में लंवित वारंट और कुर्की के त्वरित निष्पादन करते हुए अपराध नियंत्रण के लिए संगठित अपराधिक गिरोहों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा संगठित अपराधिक गिरोह के फरार अपराधकर्मियों को गिरफ्तार करने और उसपर अपराध नियंत्रण अधिनियम के प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने पुराने लंबित कांडों और राज्य में महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराध यथा बलात्कार, पोक्सो और महिला उत्पीड़न के कांडों का त्वरित गति से निष्पादन करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में डायन प्रथा जैसे कुरूतियों को दूर करने के लिए ग्रामीणों के बीच जागरूकता फैलाने पर जोर दिया। उन्होंने सर्टिफिकेट केस में निर्गत वारंट का तामिला करने, राज्य में अवैध उत्खनन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए गठित टास्क फोर्स द्वारा लगातार छापामारी करने तथा एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रतिवेदित कांडों की संख्या अफीम की खेती के विनष्टीकरण और तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई पर चर्चा की। बैठक के दौरान महानिदेशक के द्वारा साइबर अपराध पर लगाम लगाने पर चर्चा की गयी, जिसमें डायल 1930 को सुदृढ़ करने तथा उस पर आने वाले कॉल पर त्वरित कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
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