-अवैध खनन मामले में भेजा था समन
आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। साहिबगंज एसपी नौशाद आलम मंगलवार को रांची के हिनू स्थित प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय पहुंचे। उनपर अवैध खनन के गवाह विजय हांसदा को भड़काने का आरोप है। इडी अधिकारियों ने उनसे लंबी पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक उनसे विजय हांसदा को किसके कहने पर ङड़काया। अवैध खनन के बारे में उनके पास क्या जानकारी है। समेत इस मामले से जुड़े कई सवाल पूछे गये। नौशाद ने कुछ सवालों का साफ-साफ जवाब दिया, जबकि कुछ सवालों को टाल गये।
गौरतलब है कि नौशाद आलम पर इडी के गवाह विजय हांसदा पर दबाव बनाने का आरोप है। इडी ने 10 नवंबर को समन जारी कर 22 नवंबर को तलब किया था। उस दिन नौशाद आलम उपस्थित नहीं हुए और इडी को पत्र भेज कर वक्त मांगा था। उन्होंने इडी से दूसरी तारीख देने की मांग की थी। इसबीच उन्होंने मामले को लेकर पुलिस मुख्यालय से सुझाव भी मांगा था। इडी ने दोबारा समन जारी कर 28 नवंबर को पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा था। वह मंगलवार की सुबह इडी कार्यालय पहुंचे। नौशाद आलम पर अवैध खनन मामले में इडी के गवाह विजय हंसादा पर दबाव बनाने का आरोप है। सूत्रों के मुताबिक जिस प्रकार जेल में बंद कारोबारी अमित अग्रवाल ने अधिवक्ता राजीव कुमार को फंसाने की साजिश रची थी उसी प्रकार नौशाद आलम ने प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों को फंसाने के लिए इडी के गवाह रहे विजय हांसदा की मदद की थी। साथ ही उनपर पंकज मिश्रा बनाम विजय हांसदा मामले में उसे दिल्ली आने-जाने के लिए टिकट की व्यवस्था कराने का भी आरोप है। इडी के जांच के दौरान पाया था कि विजय हांसदा को सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले में अपना पक्ष रखने के लिए दिल्ली जाना था। सूत्रों के मुताबिक नौशाद आलम अपने साथ कुछ कागजात भी लेकर अयो थे, जो इडी अधिकारियों को दिखाया। हालांकि ये कागजात क्या थे, इसकी अधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हो पायी है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक ये अवैध खनन से जुड़े मामले और नौशाद के अपनी संपत्ति से संबधित कागजात थे।
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