झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश में कई वारदातों को अंजाम दे चुका है युवक
रामगढ़। रामगढ़ पुलिस ने एटीएम मशीन से छेड़छाड़ करने वाले गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है। यह अपराधी सिर्फ झारखंड में ही नहीं बल्कि बिहार और उत्तर प्रदेश में भी कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। इस मामले की जानकारी एसपी डॉ बिमल कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अपराधी चंदन कुमार बिहार राज्य के गया जिला अंतर्गत फतेहपुर थाना के मायापुर गांव का रहने वाला है। वह अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर बड़ी सफाई से आम नागरिकों की गाढ़ी कमाई उनके खाते से निकाल लेता था। रामगढ़ पुलिस को जैसे ही इसकी सूचना मिली पुलिस ने एक छापेमारी दल का गठन किया। एसडीपीओ परमेश्वर प्रसाद, कुजू ओपी प्रभारी दिगंबर पांडे, मांडू थाना प्रभारी रंजीत यादव के द्वारा इस मामले में तत्काल कार्रवाई की गई और चंदन कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।
इंडियन ओवरसीज बैंक के एटीएम मशीन में हुआ कांड
रामगढ़ के कुजू ओपी क्षेत्र अंतर्गत इंडियन ओवरसीज बैंक के मरार शाखा के एटीएम में कांड किया गया था। इस बैंक में दो संदिग्ध व्यक्तियों के द्वारा छेड़छाड़ किए जाने की सूचना पुलिस को मिली थी। इस सूचना के आधार पर पुलिस सतर्क हुई और पूरे गिरोह का उद्भेदन हुआ।
एसपी ने बताया कि चंदन कुमार अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर बड़ी सफाई से एटीएम से पैसे निकालना वाले ग्राहकों को भरमाता था। सबसे पहले चंदन एटीएम मशीन में घुसकर उसके कार्ड का स्लॉट खोल देता था। जब कोई ग्राहक पैसे निकालने आता था तो कार्ड डालते ही उसका एटीएम मशीन के अंदर घुस जाता था। ग्राहक घबराकर जब आसपास देखा था तो उसके पीछे खड़े चंदन के एक अन्य साथी उसे बताते थे कि उसके साथ भी ऐसा ही हुआ है। इसके बाद वह उसे बैंक के टोल फ्री नंबर पर कॉल करने को कहता था। जब कॉल सेंटर से पिन नंबर डालने के बाद इंटर दबाने को कहा जाता था तो इसी दौरान वह उसका पीन भी जान लेते थे। सोल्यूशन नहीं होने पर ग्राहक को बैंक भेजा जाता था। ग्राहक के निकलते ही चंदन और उसके साथी मशीन का बॉक्स खोलकर कार्ड निकाल लेते थे। इसके बाद उस कार्ड से ऑनलाइन शॉपिंग शुरू हो जाती थी।
चंदन कुमार की जब पुलिस ने तलाशी ली तो उसके पास से एक मास्टर चाबी, बटन वाला मोबाइल फोन, स्टील का पेचकस, फर्जी नंबर का पेपर, पर्स, फेविकोल और नगद 3000 बरामद हुए। पुलिस ने जब उसका अपराधी इतिहास खंगाला तो पता चला कि चंदन ने अपने साथियों के साथ मिलकर गया जिले में भी ऐसे ही कांड किए हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के बस्ती जिला में दो कांड उसके खिलाफ दर्ज हैं।



