अजय शर्मा
रांची। झारखंड में कोयला तस्करी की खबर शनिवार को प्रकाशित होने के बाद पुलिस महकमा में हड़कंप मच गया। तस्करी पर दैनिक आजाद सिपाही ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित थी, शीर्षक था-कौन है अरुण साव, धुन के कर है कोयला तस्कारी। सुबह से ही पुलिस महकमा इसको लेकर हलकान था। तीन बजे बड़कागांव थाना प्रभारी उत्तम तिवारी, इंस्पेक्टर ललित दास और ढेर सारे पुलिस कर्मियों को दल उस इलाके लिए निकल पड़ा, जहां अरुण साव का अवैध कोयले का कारोबार चलता है। अरुण का बड़कागांव के नापोखूर्द पंचायत के इंदिरा जंगल से अवैध कोयला खदान चल रहा था। यहीं से उरीमारी, पतरातू, पिठोरिया होते हुए कोयला बुढ़मू पहुंच रहा था। जोभिया से तलस्वार पलांडू होते हुए कोयला रांची की ओर लाया जाता था। पुलिस का दल दो जेसीबी मशीन लेकर इंदिरा जंगल पहुंचा। यहां छह अवैध कोयला खदान को बंद करा दिया गया। कोयला खदान में मिट्टी डाल दी गयी। अवैध तरीके से चल रहे अन्य खदानों को भी बंद करा दिया गया। हजारीबाग के डीआइजी अमोल वेणुकांत होमकर और एसपी एस कार्तिक के निर्देश पर तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गयी है।
भारी मात्रा में कोयला बरामद
इंदिरा जंगल से पुलिस ने भारी मात्रा में कोयला भी जब्त किया है। करीब आठ घंटे तक पुलिस की टीम उस इलाके में रही और एक-एक खदान को बंद कराया। पिछले 15 दिनों से इस इलाके से कोयले की तस्करी की जा रही थी। खबर प्रकाशित होने के साथ ही हजारीबाग के डीआइजी और एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया है। बड़कागांव की पुलिस को वहां भेजा, जहां से अवैध कोयला तस्करी की सूचना मिली थी।
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