Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Friday, September 4
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»दुनिया»बलोचिस्तान पर विवादित टिपप्णी के लिए राणा सनाउल्लाह को सुनी पड़ी खरी-खोटी
    दुनिया

    बलोचिस्तान पर विवादित टिपप्णी के लिए राणा सनाउल्लाह को सुनी पड़ी खरी-खोटी

    shivam kumarBy shivam kumarFebruary 9, 2026No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email

    लाहौर। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार और पूर्व गृहमंत्री राणा सनाउल्लाह को बलोचिस्तान में जबरन गायब किए जाए रहे लोगों के संबंध में की गई विवादास्पद टिप्पणी पर जमकर खरी-खोटी सुननी पड़ी। दो दिवसीय छठवें अंतरराष्ट्रीय अस्मा जहांगीर सम्मेलन में की गई इस टिप्पणी पर एक महिला ने तो यहां तक कह दिया कि राणा सनाउल्लाह ‘तुम तो चुप ही रहो’। बलोचिस्तान से पहुंचे कई प्रतिनिधियों ने राणा की टिप्पणी पर कड़ा प्रतिवाद करते हुए सम्मेलन का बहिष्कार कर दिया।

    द बलोचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इसे दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा मानवाधिकार सम्मेलन माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय अस्मा जहांगीर सम्मेलन का समापन स्थानीय फलेटी होटल में आठ फरवरी को हुआ। प्रधानमंत्री के सलाहकार सनाउल्लाह राणा की टिप्पणी जमकर हंगामा हुआ। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। राणा ने बलोचिस्तान में लापता व्यक्तियों को बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) का समर्थक बताया। उन्होंने कहा कि बीएलए से जुड़े लोगों ने मानवाधिकारों का कत्ल किया है। इसलिए ऐसे लोगों की जबरन उठा लेना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर आतंकवाद कायम रहेगा तो जबरन लोगों को गायब किया जाएगा

    सम्मेलन में उपस्थित लोगों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। लोगों ने राणा सनाउल्लाह से हॉल से बाहर चले जाने की मांग की। वह अपने रुख पर अड़े रहे। इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई। इसका विरोध करते हुए प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता शिमा किरमानी, बलोच सॉलिडेरिटी कमेटी के नेता और सामी दीन बलूच सहित आधे से ज्यादा वक्ता विरोध करते हुए हॉल से बाहर चले गए। अस्मा जहांगीर की भतीजी ने कहा कि राणा सनाउल्लाह जैसे लोगों को सम्मेलन में नहीं बुलाया जाना चाहिए। ऐसी टिप्पणियों की वजह से ही अस्मा जहांगीर की आत्मा को ठेस पहुंचती है।

    प्रतिभागियों ने कहा कि मानवाधिकारों के नाम पर आयोजित सम्मेलन में जबरन गायब किए जाने की अनुमति देना अस्वीकार्य है। ऐसे बयान न केवल पीड़ित परिवारों के घावों पर नमक छिड़कने के बराबर हैं, बल्कि अस्मा जहांगीर के विचारों की अवहेलना करते हैं। इस मौके पर बलोचिस्तान नेशनल पार्टी (बीएनपी) के अध्यक्ष और बलोचिस्तान के पूर्व मुख्यमंत्री सरदार अख्तर मेंगल ने राणा को कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि बलोचिस्तान के लोग उन्हें (विद्रोहियों और लड़ाकों को) अपना मसीहा मानते हैं।

    उन्होंने कहा कि जब सेना बलोचिस्तान में आती है, तो लोग अपने घरों में बंद हो जाते हैं और माताएं डर के मारे प्रार्थना करती हैं कि अल्लाह हमें उनसे बचाए। लेकिन जब लड़ाके शहरों में आते हैं तो लोग उनके साथ सेल्फी लेते हैं। महिलाएं अपने घरों से खाना लेकर आती हैं। आप उन्हें चाहे जो भी कहें, लोग उन्हें अपना हितैषी मानते हैं।

    सरदार अख्तर मेंगल ने कहा कि राणा और सम्मेलन में मौजूद लोगों को ये सब बातें दिखाई नहीं देतीं, लेकिन बलोचिस्तान में हम ये सब अपनी आंखों से देख रहे हैं। इस देश की जन्मतिथि भी बदल दी गई। 15 अगस्त की जगह 14 अगस्त रख दी गई, ठीक वैसे ही जैसे फॉर्म 47 में तारीख बदल दी गई। उन्होंने कलात के खान और कायद-ए-आजम मोहम्मद अली जिन्ना के बीच हुए समझौते की एक प्रति लहराते हुए कहा कि सात महीने बाद कलात के खान और जिन्ना के बीच एक समझौता हुआ था कि बलोचिस्तान स्वायत्त होगा, लेकिन इसे कभी लागू नहीं किया गया।

    बीएनपी प्रमुख ने कहा कि इमान मजारी और हादी अली चथा को एक ट्वीट के लिए 10 साल की सजा सुनाई गई, लेकिन देश को तबाह करने और फिर से बसाने वालों को एक दिन की भी सजा नहीं मिली। मेहरांग बलोच इस्लामाबाद आए, लेकिन इस सर्दी में उन पर ठंडा पानी फेंका गया। बलोचिस्तान में हो रहे अत्याचारों के खिलाफ विरोध करने का किसी को अधिकार नहीं है।

    उन्होंने संघीय मंत्री राणा सनाउल्लाह के बयान का भी जिक्र किया जिसमें कहा गया कि अगर अख्तर मेंगल सशस्त्र लोगों की जिम्मेदारी लेते हैं तो बातचीत हो सकती है। उन्होंने कहा, क्या मैं बीएलए का प्रतिनिधि हूं? हमारे लोगों ने पहले जिम्मेदारी ली थी। आगा अब्दुल करीम ने जिम्मेदारी ली। नवाब नवरोज खान ने जिम्मेदारी ली। उनका क्या हुआ?

    उन्होंने कहा कि अस्मा जहांगीर समेत कुछ लोग नवाब अकबर बुगती से बात करने गए। नतीजा क्या निकला? मौत की सजा और उम्रकैद। सरदार अख्तर मेंगल ने कहा कि मुझे किसी कर्नल या जनरल की जरूरत नहीं है। उन्होंने एक बार फिर कहा कि कुछ लोग सशस्त्र लड़ाकों को आतंकवादी कहते हैं, लेकिन जब वे सार्वजनिक रूप से सामने आते हैं, तो लोग उनके साथ सेल्फी लेते हैं और उन्हें अपना रक्षक बताते हैं।

    इस बार अस्मा जहांगीर सम्मेलन की विषय वस्तु “मौलिक अधिकारों का क्षरण और सीमाओं के पार प्रतिरोध” रही। इसका आयोजन अस्मा जहांगीर लीगल एड सेल ने उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन और पाकिस्तान बार काउंसिल के सहयोग से किया। इसमें न्यायाधीशों, वकीलों, पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधियों सहित 120 से अधिक वक्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान संवैधानिक संशोधनों, दक्षिण एशिया में शत्रुता, अफगान शरणार्थियों की वापसी, कश्मीर, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर 18 सत्र आयोजित किए गए।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleबॉक्स ऑफिस पर ‘बॉर्डर-2’ की मजबूत पकड़, ‘मर्दानी-3’ ने भी बढ़ाई कमाई
    Next Article विपक्ष के हंगामे से लोकसभा की कार्यवाही फिर बाधित, दोपहर 2 बजे तक स्थगित
    shivam kumar

      Related Posts

      अमेरिका का ईरान के लारक द्वीप पर एयरस्ट्राइक, पश्चिम एशिया में भड़का तनाव

      August 31, 2026

      टोरंटो में मोहन भागवत का बड़ा बयान- भारत ‘महाशक्ति’ नहीं, बल्कि ‘विश्वगुरु’ है

      August 31, 2026

      PM मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा सफल, व्यापार और रणनीतिक साझेदारी पर बनी सहमति

      August 30, 2026
      Add A Comment

      Comments are closed.

      Recent Posts
      • झारखंड में JTET को लेकर बड़ी तैयारी, 11 अक्टूबर को परीक्षा प्रस्तावित; 4.40 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
      • बिना टिकट सफर करने वालों पर धनबाद मंडल में रेलवे की कड़ी कार्रवाई, 713 यात्रियों से वसूले गए 6.16 लाख रुपये
      • छेड़खानी की शिकायत पर पचंबा थाना में देर रात हंगामा, दो पक्षों में भिड़ंत के बाद पुलिस ने संभाला मोर्चा
      • पेट्रोल-डीजल हुआ महंगा, 38 पैसे बढ़ी कीमत; रांची में आज से नई दर लागू
      • हिंदपीढ़ी में टाइगर 24 जवान से मारपीट मामले में पुलिस सख्त, आरोपियों की तलाश तेज
      Read ePaper

      City Edition

      Follow up on twitter
      Tweets by azad_sipahi
      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

      Palamu Division

      • Garhwa
      • Palamu
      • Latehar

      Kolhan Division

      • West Singhbhum
      • East Singhbhum
      • Seraikela Kharsawan

      North Chotanagpur Division

      • Chatra
      • Hazaribag
      • Giridih
      • Koderma
      • Dhanbad
      • Bokaro
      • Ramgarh

      South Chotanagpur Division

      • Ranchi
      • Lohardaga
      • Gumla
      • Simdega
      • Khunti

      Santhal Pargana Division

      • Deoghar
      • Jamtara
      • Dumka
      • Godda
      • Pakur
      • Sahebganj

      Subscribe to Updates

      Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

      © 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.
      • Privacy Policy
      • Terms
      • Accessibility

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

      Go to mobile version