जिन पुस्तकों का विमोचन हुआ है, उसमें महाजनी आंदोलन के संबंध में लिखा गया है। इस प्रथा का अंत भी हुआ। झारखंड अलग राज्य के लिए हमने आंदोलन किया। आज हम सब अलग झारखंड राज्य में हैं। समाज में उन्नति बोलने से नहीं करने से आयेगी। अभी तक आदिवासियों, किसानों तथा मजदूरों को उनका पूरा हक नहीं मिल पाया है। सोमवार को अपने 77वें जन्मदिन पर आर्यभट्ट सभागार में अपने जीवन संघर्ष से जुड़ी तीन पुस्तकों के विमोचन समारोह में ये बातें राज्यसभा सांसद और झामुमो