भारतीय लोकतंत्र का चुनावी इतिहास हमेशा से रोमांचक संघर्षों का गवाह रहा है, लेकिन इसके अलावा एक और बात, जो भारत के चुनावों ने कई बार प्रमाणित की है, वह है इसकी अनिश्चितता और मतदाताओं की निर्णय क्षमता। हर चुनाव भारत के लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करता आया है, नये किस्से, नये समीकरण और नयी सियासी परिस्थितियों का निर्माण करता रहा है। चुनावों में कई नेता खोते रहे हैं, तो कई नये नेताओं के अभ्युदय का गवाह भी चुनावी मैदान बने हैं। लेकिन ऐसा बहुत कम बार