कोरोना संकट के दौर में पूरे देश और राज्यों में सबसे अधिक दबाव स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक मोर्चे पर है। हालांकि मार्च से लेकर अब तक की पांच महीने की अवधि में राज्यों की स्वास्थ्य सेवाओं ने उल्लेखनीय काम किया है। राष्ट्रीय स्तर पर भी हम पश्चिमी देशों से बहुत पीछे नहीं हैं। लेकिन इस उपलब्धि का एक और पहलू यह भी है कि हिंदी पट्टी के प्रदेशों में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। यह दीगर है कि संक्रमण से मुक्त होने की दर संतोषजनक है।