झारखंड में आदिवासी युवकों को नक्सली बताकर फर्जी तरीके से सरेंडर करने के मामले में अनुसंधान एक तरह से बंद हो गया है। इस मामले में कई आइपीएस अधिकारी लपेटे में हैं। लिहाजा पुलिस ने दिग्दर्शन इंस्टीट्यूट के मालिक दिनेश प्रजापति, पुलिस के लिए काम करने वाले रवि बोदरा और एक अन्य के विरुद्ध चार्जशीट कर अपना अनुसंधान पूरा मान बैठी है। इस फर्जी सरेंडर मामले में भी अगर उच्चस्तरीय जांच हुई, तो इसकी आंच कई आइपीएस अधिकारियों को लपेटे में ले सकती है। इसलिए अधिकारियों ने बीच का रास्ता निकाला है।