बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जनता दल यूनाइटेड के उम्मीदवारों की सूची से ऐसा लग रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस बार फिर सोशल इंजीनियरिंग पर पूरा जोर दे रहे हैं, जिसमें एक तरफ अति पिछड़ा वर्ग में पैंठ को गहरा बनाने और दूसरी तरफ विरोधी राष्ट्रीय जनता दल के मुस्लिम-यादव समीकरण (माइ) में सेंध लगाने की कोशिश है।