धनबाद/भगतडीह। कोयला राजधानी धनबाद में कोयला उठाव को लेकर चले आ रहे घमासान के बीच विराम लगने की संभावना बढ़ गई है। लेकिन इंडस्ट्रियल एंड कॉमर्स ने फिलहाल बीसीसीएल के क्षेत्र संख्या 1-5 तक कोयला नहीं उठाव करने का फैसला लिया है। जिला स्तर पर गठित टीम ने शनिवार को जिले में जारी कोयला उठाव को चले आ रहे रंगदारी पर अपनी रिपोर्ट शनिवार को प्रेस वार्ता के दौरान सार्वजनिक की। रिपोर्ट का धनबाद इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स से जुड़े हार्डकोक उद्यमी कर रहे हैं समर्थन। अध्यक्ष बीएन सिंह ने कहा कि फिलहाल कोयला लोडिंग करने वाले मजदूरों को 250 रुपए/- प्रति टन की राशि मजदूरी तय की गईं हैं, ये राशि सीधे मजदूरो कें बैंक एकाउंट में चली जाएगी।

कोयला तस्करी में जिप अध्यक्ष समेत चार पर आरोप गठित : धनबाद में फर्जी कागजात के आधार पर कोयला का व्यापार करने के 8 वर्ष पुराने मामले में धनबाद जिला परिषद के अध्यक्ष रोबिन चंद्र गोराई समेत चार लोगों के विरुद्ध शनिवार को अदालत में आरोप तय किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार की अदालत में जिप अध्यक्ष गोविंद चंद्र गोराई समेत सभी आरोपितों ने आरोप से इन्कार करते हुए ट्रायल की माग की। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विनय कुमार सिंह जबकि अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह ने पैरवी की। 23 जुलाई 2010 को गोविंदपुर के तत्कालीन एएसआइ विनोद कुमार की शिकायत पर 13 नामजद आरोपितों रोबिनचंद्र गोराई, अल्ला रक्खा, भगवान चौधरी, बिजली यादव व अन्य के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

प्राथमिकी के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली थी कि गोविंदपुर के पेट्रोल पंप के सामने जीटी रोड पर ट्रक पर अवैध कोयला जा रहा था। सूचना पर पुलिस ने ट्रक को जब्त किया था। दोनों ट्रक पर 19-19 टन कोयला लोड था। पुलिस के मुताबिक दोनों ट्रकों पर लदे कोयले का चालान फ र्जी था। जो मा तारा इंडस्ट्री द्वारा जारी किया गया था। अनुसंधान में खुलासा हुआ था कि मा तारा इंडस्ट्रीज को पूर्व में ही सील किया जा चुका था। इसलिए वह चलान फर्जी था। अदालत में अभियोजन को गवाह पेश करने का निर्देश देते हुए अगली तारीख निर्धारित कर दी है।

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