सोनुवा/चाईबासा। जिले के गुदड़ी प्रखंड के बुरुगुलीकेरा गांव में पत्थलगड़ी का विरोध करने के कारण मारे गये सात निर्दोष आदिवासियों के शव बुधवार को बरामद कर लिये गये। इन सभी की हत्या तेज धार हथियार से की गयी है। एसपी इंद्रजीत महथा ने यह जानकारी दी। उनके नेतृत्व में पुलिस बल सुबह पहले गांव पहुंचा। वहां ग्रामीणों से बातचीत करने के बाद जंगलों में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर घने जंगल में सभी शव बरामद किये गये। घटनास्थल पर डीआइजी कुलदीप द्विवेदी और डीसी अरवा राजकमल भी पहुंचे।
एसपी ने कहा कि यह घटना पत्थलगड़ी से संबंधित है या नहीं, यह जांच का विषय है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि घटना के सिलसिले में दो मामले दर्ज किये गये हैं। पहला मामला 16 जनवरी को हुई तोड़फोड़ की घटना के सिलसिले में, जबकि दूसरा मामला 19 जनवरी को सात लोगों की हत्या के बारे में है।
आरक्षी महानिरीक्षक (अभियान) साकेत कुमार सिंह ने शवों की बरामदगी की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना के अनुसंधान के साथ पुलिस का सर्च आॅपरेशन जारी है। उन्होंने बताया कि लापता बताये जा रहे दो लोगों की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी शव अलग-अलग जगहों पर थे। कई शव पहचाने जाने लायक नहीं हैं।
ग्रामीणों को पुलिस पर भरोसा नहीं
दिन बुधवार। समय सुबह के करीब नौ बजे। चाईबासा जिले के गुदड़ी प्रखंड मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर गुलीकेरा गांव में सन्नाटा पसरा है। करीब 20 मिनट पहले वहां पहुंचे पुलिस अधिकारियों को ग्रामीणों को घरों से बाहर निकालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। आधे घंटे तक समझाने के बाद ग्रामीण बाहर निकले। उन्होंने एसपी इंद्रजीत महथा को घटनाक्रम की जानकारी दी। ग्रामीणों ने साफ कहा कि उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि पत्थलगड़ी समर्थकों ने सोमवार को ही उप मुखिया समेत सात लोगों की हत्या की बात प्रचारित कर दी थी। जब एसपी ने उनसे पूछा कि उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को क्यों नहीं दी, तो ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें किसी पर भरोसा नहीं है।
मृतकों में उप मुखिया जेम्स बूढ़, लोमा बूढ़,जावरा बूढ़, सोंगे टोपनो, एतवा बूढ़, निर्मल बूढ़ और बोनाम लोंगा शामिल हैं।
Previous Articleहेमंत सोरेन कैबिनेट का विस्तार 25 को!
Next Article नहीं बचेंगे दोषी, एसआइटी करेगी घटना की जांच: सीएम
Related Posts
Add A Comment