जयपुर: राजस्थान के कोटा स्थित जेके लोन अस्पताल में नवजात बच्चों की बड़ी संख्या में मौत ने देशभर के होश फाख्ता कर दिए। पिछले एक महीने में 110 नवजात इस अस्पताल में दम तोड़ चुके हैं। हालांकि, हजारों माता-पिता ने यह भी देखा कि उनके बच्चों की मौत महज इसलिए हो रही है क्योंकि नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों को जो प्राथमिक चीजें या उपकरण मुहैया कराए जाने चाहिए, वे अस्पताल में उपलब्ध ही नहीं हैं।
वर्ष 2018 में ख़तरे की घंटी बजी थी लेकिन उस पर किसी ने भी गौर नहीं किया। दरअसल, उस वक्त हॉस्पिटल की एक सोशल ऑडिट में यह खुलासा हुआ था कि अस्पताल के 28 में से 22 नेबुलाइजर्स काम ही नहीं कर रहे हैं। इनफ्यूजन पंप, जिनका इस्तेमाल नवजात बच्चों को दवा देने में किया जाता है, उनमें 111 में से 81 काम ही नहीं कर रहे हैं। बात की जाए लाइफ सपोर्ट मशीनों की तो 20 में से सिर्फ 6 ही इस्तेमाल लायक बची थीं। कुल मिलाकर, बड़ी संख्या में उपकरण खराब हो चुके थे।