रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोविड-19 टीकाकरण की चल रही तैयारियों की अधिकारियों के साथ समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना टीकाकरण के सफल क्रियान्वयन के लिए समय पूर्व पूरी व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाये। उन्होंने इसके लिए सभी विभागों और निजी स्वास्थ्य संस्थाओं के साथ समन्वय बनाने, टीकाकरण स्थल को चिह्नित करने, प्रशिक्षित मानव संसाधन और संबंधित संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
आज सभी जिलों में ड्राई रन : स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि आठ जनवरी को राज्य के सभी जिलों में कोविड-19 टीकाकरण को लेकर ड्राई रन का आयोजन किया जायेगा। इससे पहले भी राज्य के छह जिलों के 375 वोलेंटियर्स को चिह्नित कर कोरोना टीकाकरण का सफल ड्राई रन किया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने बताया कि कोरोना टीकाकरण को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय संचालन समिति और जिलों में उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय संचालन समिति का गठन किया गया है। इसके अलावा सभी उपायुक्त के माध्यम से गोल्ड चेन प्वाइंट्स के निरीक्षण का कार्य अंतिम चरणों में है। सबसे पहले लगभग 1.5 लाख हेल्थ केयर वर्कर्स का कोरोना टीकाकरण होगा। इसमें आंगनबाड़ी सेविकाएं भी शामिल होंगी। इसके बाद राज्य और केंद्र सरकार के पुलिस जवानों, सशस्त्र बल, होमगार्ड, जेल कर्मचारी, आपदा प्रबंधन समन्वयक, नागरिक सुरक्षा संगठन, नगरपालिका कर्मी और राजस्व अधिकारियों के रूप में कार्य कर रहे फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका लगाया जायेगा।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का और स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव नितिन मदन कुलकर्णी उपस्थित थे।
राज्य में 275 वैक्सीन भंडार बनाये गये
अधिकारियों ने बताया कि पूरे राज्य में 275 वैक्सीन भंडार बनाये गये हैं। इसमें राज्य स्तर पर एक और दो क्षेत्रीय वैक्सीन भंडार है। इसके अलावा सभी 24 जिलों में 248 सामूहिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में वैक्सीन भंडार बनाये गये हैं। वैक्सीनेटर को प्रशिक्षण देने का कार्य लगातार जारी है।
डिजिटल टीकाकरण प्रमाण पत्र मिलेगा
टीका लेने वाले लाभार्थियों को डिजिटल टीकाकरण प्रमाण पत्र दिया जायेगा। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने बताया कि इच्छुक लाभार्थियों के लिए स्वास्थ्य आइडी का भी निर्माण किया जायेगा। टीकाकरण के बाद प्रतिकूल घटनाओं की रिपोर्टिंग और ट्रेकिंग की भी व्यवस्था की गयी है।