आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। भाजपा विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने सोमवार को राज्य की हेमंत सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि स्थानीयता से संबंधित विधेयक की आपत्तियों पर गंभीरतापूर्वक विचार करें। मरांडी ने कहा कि यह मामला झारखंड की साढ़े तीन करोड़ जनता के हित से जुड़ा हुआ है। इसलिए इसमें बार-बार राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार झारखंड के बच्चों के हित में झारखंड की धरती पर ही विधिसम्मत निर्णय ले। राज्य सरकार को फेंका-फेंकी की राजनीति बंद कर, अपने संविधान सम्मत अधिकारों का सदुपयोग करना चाहिए। राज्य सरकार को नीति बनाने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपराधियों को बचाने के लिए, उनके मुकदमों की बहस के लिए वकीलों पर करोड़ों रुपये पानी की तरह खर्च कर रही। साथानीयता का मामला तो राज्य के हित से जुड़ा है, इसलिए इस मामले में देश के नामी कानूनविदों, वकीलों को महंगी फीस देकर सलाह लेने से राज्य सरकार को परहेज नहीं करना चाहिए।