रांची: मनी लॉन्ड्रिंग में ग्रामीण कार्य विभाग के निलंबित मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम केस से जुड़े सीए मुकेश मित्तल की अग्रिम जमानत याचिका की आंशिक सुनवाई झारखंड हाई कोर्ट में हुई। मामले में प्रार्थी की ओर से बताया गया की याचिका की त्रुटि दूर कर ली गई है। इसके बाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की कोर्ट ने मामले के चार्जशीटेड आरोपी मुकेश मित्तल की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 2 फरवरी की तिथि निर्धारित की है।दरअसल, मुकेश मित्तल पर वीरेंद्र राम की काली कमाई के लगभग 14 करोड़ रुपए को सफेद करने का आरोप है इसकी एवज में उसे मोटी रकम कमीशन के रूप में मिलती थी इसके लिए उसने अपने कर्मचारियों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया था। बता दें कि पूर्व में मुकेश मित्तल की व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट संबंधी याचिका को इस कोर्ट खारिज कर चुका है। वहीं उनकी अग्रिम जमानत याचिका को भी ईडी कोर्ट ने बीते 16 दिसंबर को खारिज कर दिया था, इसके बाद उनकी ओर से हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई है।
दरअसल,मार्च 2023 में ईडी के संयुक्त निदेशक के आवेदन पर दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में मामला दर्ज किया गया था।जिसमें वीरेंद्र राम के अलावा उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट मुकेश मित्तल व अन्य को आरोपी बनाया गया था। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में दर्ज की प्राथमिकी में आरोपियों पर फर्जी केवाइसी पर बैंक खाता खोलकर वीरेंद्र राम की काले धन की लॉन्ड्रिंग का आरोप है।