-प्रतिदिन 8 टन खाद और 5000 किलो सीएनजी बनेगी
रांची। रांची के झिरी डंपिंग यार्ड के कचरे को संधारण करने का प्लांट बनकर तैयार हो गया है। शनिवार को सांसद संजय सेठ ने उपरोक्त प्लांट का निरीक्षण किया। अधिकारियों से इसकी जानकारी ली। बता दें कि सांसद संजय सेठ ने रांची शहर को कचरा से मुक्ति दिलाने के लिए काम करने की बात सांसद बनने के बाद की थी। उसके आलोक में उन्होंने केंद्र सरकार से बात की और गेल इंडिया के द्वारा रांची के झिरी डंपिंग यार्ड में 300 टन के कचरा संधारण प्लांट बनाने का प्रस्ताव रखा। सांसद के इस प्रस्ताव पर गेल इंडिया ने अपनी सहमति दी और स्वच्छ भारत मिशन के तहत इस पर कार्य भी शुरू हो गया। 25-25 करोड़ रुपये की लागत से यहां 150 टन के दो प्लांट तैयार होने हैं। आज निरीक्षण के क्रम में अधिकारियों ने बताया कि 150 टन का एक प्लांट पूरी तरह से तैयार हो चुका है, जो फरवरी अंतिम सप्ताह या मार्च प्रथम सप्ताह में काम करने लगेगा। अधिकारियों ने सांसद को बताया कि झिरी कचरा डंपिंग यार्ड में गेल के द्वारा कचरा संधारण प्लांट का निर्माण कार्य फेज-1 पूरा हो गया है। यहां 150 टन का कचरा संधारण प्लांट तैयार है। यहां पर 300 टन का कचरा संधारण प्लांट तैयार होना है। अधिकारियों ने बताया कि फरवरी अंतिम या मार्च 2024 के प्रथम सप्ताह से यह प्लांट कार्य करने लगेगा। प्रथम चरण में यहां गोबर का उपयोग किया जायेगा। श्री सेठ ने इस प्लांट के पूर्ण होने पर खुशी जताते हुए कहा कि मोदी सरकार गारंटी पर काम करती है। हर वादे, हर गारंटी को पूरी होने की गारंटी देती है। पीएम मोदी की इस गारंटी पर यह कचरा संधारण प्लांट तैयार हो गया है। मेरे लिए यह खुशी की बात है कि मैंने जो प्रयास किया, वह सफल हो चुका है।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version