रांची। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व आइपीएस अधिकारी डॉ अरुण उरांव ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उरांव ने कहा कि झारखंड के मुख्यमंत्री केवल भ्रष्टाचार में ही नहीं, बल्कि नियम विरुद्ध निर्णय लेने में भी रिकॉर्ड बना रहे। कहा कि हेमंत सरकार ऐसी सरकार है, जिसने कैबिनेट के फैसले में संसद से पारित कानून को चुनौती दी। इडी की कार्रवाई को कटघरे में खड़ा किया।
कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने आपको कानून से ऊपर रख लिया है। आठवें समन के बाद भी इडी को सीएम से पूछताछ के लिए सीएम आवास पर जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री इडी के अधिकारियों को पूछताछ के लिए अपने आवास पर बुलाते हैं और बाहर इडी के विरोध में अपने समर्थकों से विरोध भी करवाते हैं।
उन्होंने कहा कि अब तो मुख्यमंत्री को कैबिनेट से एक और फैसला कर लेना चाहिए, जिसमें यह स्पष्ट प्रावधान हो कि अब राज्य के किसी व्यक्ति से पूछताछ के लिए अधिकारी उनके घर पर जायें। किसी को कार्यालय बुलाने के लिए नोटिस जारी नहीं करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने और कोई काम में तो राज्य का भला नहीं किया, लेकिन एक अवसर उनके पास है, जिसमें वह जनहित में ऐसे फैसले लेकर आम जनता का भला कर सकते हैं। कानून बनने से किसी गरीब आदमी को पूछताछ के लिए अधिकारी के पास जाने के लिए खर्च नहीं करना पड़ेगा।