-लालू की बेटी ने डिलीट किया सीएम की आलोचना से जुड़ा पोस्ट
आजाद सिपाही संवाददाता
पटना। बिहार में सत्तारूढ़ महागठबंधन के अंदर सब कुछ सामान्य नहीं है। बिहार विधानसभा में सबसे ताकतवर राष्ट्रीय जनता दल ने एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आंखें तरेरी थीं, लेकिन उसे अब फिर पलकें झुका लेनी पड़ीं। गुरुवार को कैबिनेट बैठक में सीएम के मनोभाव और हावभाव को देख कर राजद में ऐसी खलबली मची कि दूर देश में बैठ कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सोशल मीडिया के जरिए हमला करनेवाली लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या को पीछे हटना पड़ा। कुछ मिनट के अंदर नीतीश कुमार पर किये तीन सोशल मीडिया हमलों को डेढ़ घंटे के बाद वापस लेना पड़ा। सोशल मीडिया से अपनी बात हटानी पड़ी।

इन पंक्तियों के जरिये हमला बोला था:
रोहिणी ने गुरुवार सुबह सबसे पहले लिखा कि अक्सर कुछ लोग नहीं देख पाते हैं अपनी कमियां, लेकिन किसी दूसरे पे कीचड़ उछालने को करते हैं बदतमीजियां। इस वाक्यांश में कहीं भी नीतीश कुमार का नाम नहीं है, लेकिन मूलत: हमला सीएम पर ही किया गया। और स्पष्टता के लिए रोहिणी ने कुछ ही देर बाद अगली लाइन लिखी कि खीज जताये क्या होगा, जब हुआ न कोई अपना योग्य। विधि का विधान कौन टाले, जब खुद की नीयत में ही हो खोट। रोहिणी की इन पंक्तियों ने साफ कर दिया कि उनका हमला नीतीश कुमार पर ही है।

सीएम नीतीश ने परिवारवाद पर टिप्पणी की थी:
दरअसल, 24 जनवरी को कर्पूरी जयंती पर जदयू की ओर से वेटनरी कॉलेज मैदान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसी कार्यक्रम में लोगों की संबोधित करते हुए नीतीश ने कहा था कि हम लोगों ने जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के कार्यों को आगे बढ़ाया है, लेकिन आजकल लोग परिवारवाद को आगे बढ़ाते हैं। जब जननायक कर्पूरी ठाकुर जी का देहावसान हो गया, तब हम लोगों ने उनके सुपुत्र रामनाथ ठाकुर जी को आगे बढ़ाया। उन्हें पार्टी में स्थान दिया, मंत्री बनाया, सांसद बनाया। आजकल बहुत लोग अपने परिवार को आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं, लेकिन जननायक ने कभी अपने परिवार को आगे नहीं बढ़ाया और उन्हीं से सीख लेते हुए हमने भी अपने परिवार को कभी आगे नहीं बढ़ाया।

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