खूंटी। झारखंड के खूंटी जिला अंतर्गत चलागी गांव के निवासी और प्रमुख आदिवासी नेता सोमा मुंडा की निर्मम हत्या को लेकर राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी तेज हो गई है। हाल ही में भाकपा माले के राज्य सचिव मनोज भक्त, आदिवासी संघर्ष मोर्चा के नेता सुदामा खलखो और जगरनाथ उरांव सहित अन्य नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। नेताओं ने सोमा मुंडा की पत्नी और परिजनों से घटना की विस्तृत जानकारी ली और इस दुखद घड़ी में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
सोमा मुंडा की पत्नी ने बताया कि उनके पति स्कूल से संबंधित कार्य के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय गए थे। वापसी के दौरान अज्ञात अपराधियों ने घात लगाकर उन पर गोलियां बरसा दीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि इस सुनियोजित साजिश के पीछे के असली मास्टरमाइंड अभी भी पुलिस की पहुंच से दूर हैं।
भाकपा माले नेता मनोज भक्त ने कहा कि सोमा मुंडा जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए आजीवन संघर्षरत रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द ही सभी दोषियों को सजा नहीं दी, तो पार्टी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने इसे राज्य की लचर कानून-व्यवस्था का परिणाम बताया।
पुलिसिया कार्रवाई और जमीन विवाद पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि हत्या के पीछे 3.16 एकड़ जमीन का विवाद था। पुलिस ने अब तक इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुख्य आरोपी देवव्रत नाथ शाहदेव भी शामिल है। हालांकि, शूटरों की तलाश अब भी जारी है। आदिवासी समाज में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और 17 जनवरी को ‘झारखंड बंद’ का आह्वान भी किया गया है।

