नई दिल्ली। देश की अर्थव्यवस्था का लेखा-जोखा आज संसद के दोनों सदनों में पेश किया जाएगा। सुबह 11 बजे मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन इकोनॉमिक सर्वेक्षण 2026 संसद के पटल पर रखेंगे। बजट सप्ताह में बजट पेश होने से पहले पूरे देश की निगाहें इस दस्तावेज़ पर टिकी हैं। इकोनॉमिक सर्वे पहली फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट की रूपरेखा का संकेत देता है। इसमें मुद्रास्फीति, विकास दर और विदेशी मुद्रा भंडार की स्थिति जैसे महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण होता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण के साथ ही बुधवार से बजट सत्र की शुरुआत हो गई है। बजट सत्र के पहले चरण में आज इकोनॉमिक सर्वे पेश किया जाएगा। इसके बाद एक फरवरी को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण लगातार अपना नौवां बजट पेश कर नया रिकॉर्ड बनाएंगी। संसद का बजट सत्र दो चरणों में दो अप्रैल तक चलेगा।
इकोनॉमिक सर्वे को सरकार की नीतियों का संकेतक माना जाता है। यह सरकार की प्राथमिकताओं और पॉलिसी अप्रोच का महत्वपूर्ण रेफरेंस प्वाइंट है। वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग का इकोनॉमिक डिविजन इसे तैयार करता है। मुख्य आर्थिक सलाहकार द्वारा पेश किया जाने वाला यह सर्वे देश की अर्थव्यवस्था के फाइनेंशियल इंडिकेटर्स, मैक्रोइकोनॉमिक सिचुएशन और भविष्य के आकलन का गंभीर विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
आमतौर पर इकोनॉमिक सर्वे हर साल बजट से एक दिन पहले पेश किया जाता है, लेकिन इस बार इसे बजट से तीन दिन पहले पेश किया जा रहा है। इच्छुक लोग Indiabudget.gov.in से इसे डाउनलोड कर सकते हैं। संसद में पेश होने के कुछ देर बाद ही यह वेबसाइट पर उपलब्ध हो जाएगा।



