नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट प्रशासन के दिग्गज और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष इंदरजीत सिंह बिंद्रा, जिन्हें आई.एस. बिंद्रा के नाम से जाना जाता था, का रविवार को नई दिल्ली में निधन हो गया। उनके निधन से भारतीय क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

इस दुखद समाचार की पुष्टि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अध्यक्ष जय शाह ने सोशल मीडिया के जरिए की। उन्होंने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा,“पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष और भारतीय क्रिकेट प्रशासन के स्तंभ रहे श्री आई.एस. बिंद्रा के निधन पर गहरी संवेदना। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। ॐ शांति।”

आई.एस. बिंद्रा ने 1993 से 1996 तक बीसीसीआई अध्यक्ष के रूप में सेवाएं दीं। इसके अलावा वह 1978 से 2014 तक पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) के अध्यक्ष भी रहे। क्रिकेट प्रशासन में उनके उल्लेखनीय योगदान के सम्मान में वर्ष 2015 में मोहाली स्थित पीसीए स्टेडियम का नाम बदलकर आई.एस. बिंद्रा स्टेडियम रखा गया था।

बिंद्रा ने शरद पवार के आईसीसी अध्यक्ष रहते हुए आईसीसी के प्रमुख सलाहकार के रूप में भी अहम भूमिका निभाई।

पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष जगमोहन डालमिया के साथ मिलकर आई.एस. बिंद्रा को 1987 वनडे विश्व कप भारत में आयोजित कराने का श्रेय भी दिया जाता है, जिसने भारतीय क्रिकेट को वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

वर्ष 1994 में आई.एस. बिंद्रा ने क्रिकेट प्रसारण पर दूरदर्शन के एकाधिकार को खत्म करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। शीर्ष अदालत के उनके पक्ष में आए फैसले के बाद ईएसपीएन और टीडब्ल्यूआई जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रसारण कंपनियों का भारतीय बाजार में प्रवेश संभव हो सका, जिससे भारत दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट प्रसारण बाजार बनकर उभरा।

आई.एस. बिंद्रा का निधन भारतीय क्रिकेट प्रशासन के एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है। उनका योगदान हमेशा भारतीय क्रिकेट के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।

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