नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों से आज कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी बाजार में पिछले सत्र के दौरान छुट्टी रहने के कारण नियमित कारोबार नहीं हुआ, लेकिन डाउ जॉन्स फ्यूचर्स में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं यूरोपीय बाजारों में भी बिकवाली का दबाव बना रहा, जबकि एशियाई बाजारों में आज मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है।
वैश्विक बाजारों में तनाव की एक बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान माना जा रहा है। ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। इसी कारण एसएंडपी कॉन्ट्रैक्ट ट्रेडिंग में 1.10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। डाउ जॉन्स फ्यूचर्स भी 365 अंक से अधिक टूटकर 48,994 के स्तर के आसपास कारोबार करता नजर आ रहा है।
यूरोपीय बाजारों पर भी इस बयान का साफ असर दिखा। ब्रिटेन का एफटीएसई इंडेक्स 0.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। फ्रांस का सीएसी इंडेक्स करीब 1.81 प्रतिशत टूट गया, जबकि जर्मनी का डीएएक्स इंडेक्स भी 1.35 प्रतिशत की कमजोरी के साथ सत्र समाप्त करने में सफल रहा।
एशियाई बाजारों की बात करें तो आज तस्वीर मिली-जुली रही। नौ प्रमुख एशियाई बाजारों में से पांच में तेजी और चार में गिरावट देखने को मिली। गिफ्ट निफ्टी 91 अंकों की गिरावट के साथ 25,476 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जापान का निक्केई इंडेक्स 1 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया, जबकि शंघाई कंपोजिट और ताइवान वेटेड इंडेक्स भी लाल निशान में रहे।
दूसरी ओर, सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और थाईलैंड का सेट कंपोजिट इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी मामूली तेजी में बना हुआ है। कुल मिलाकर, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच बाजारों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है।

