नई दिल्ली। न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी हेक्सागॉन न्यूट्रिशन के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में प्रीमियम एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 45 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग लगभग सात प्रतिशत प्रीमियम के साथ 48 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर 48.25 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर उछल कर 50.66 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 5.66 रुपये यानी 12.58 प्रतिशत का फायदा हो गया।
हेक्सागॉन न्यूट्रिशन का 138.87 करोड़ रुपये का आईपीओ पांच से नौ जून के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 53.68 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 19.77 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 161.49 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 26.85 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत एक रुपये फेस वैल्यू वाले 3,08,59,704 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए जारी किए गए हैं।
हेक्सागॉन न्यूट्रिशन की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 5.82 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 12.21 करोड़ रुपये और 2024-25 में उछल कर 24.38 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 27.03 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 281.65 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 304.62 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 331.29 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 275.57 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 51.87 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 36.89 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में और कम होकर 26.60 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ बढ़ कर 39.79 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।
इस दौरान कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 163.84 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 176.29 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 195.60 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 223.05 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।
इसी तरह कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 152.30 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 164.51 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 183.89 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 210.92 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 17.17 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 24.88 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 40.07 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 37.55 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

