नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से यूरोपीय देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी के बाद बने वैश्विक दबाव का असर मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार पर साफ नजर आया। शेयर बाजार की शुरुआत भले ही मामूली गिरावट के साथ हुई, लेकिन शुरुआती कुछ मिनटों में आई हल्की खरीदारी ज्यादा देर टिक नहीं सकी। जल्द ही बाजार में चौतरफा बिकवाली हावी हो गई, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में फिसल गए।
कारोबार के पहले एक घंटे के बाद सेंसेक्स करीब 0.40 प्रतिशत और निफ्टी लगभग 0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। बाजार की कमजोरी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ज्यादातर दिग्गज शेयर दबाव में नजर आए। हालांकि एनटीपीसी, एसबीआई, हिंदुस्तान यूनिलीवर, कोटक महिंद्रा बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट जैसे कुछ शेयरों में सीमित मजबूती देखने को मिली।
दूसरी ओर बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, ट्रेंट और एटरनल जैसे शेयरों में 1.5 से 2.5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। कुल मिलाकर बाजार की चौड़ाई बेहद कमजोर रही। एक्टिव ट्रेडिंग वाले 2,652 शेयरों में से सिर्फ 533 शेयर हरे निशान में थे, जबकि 2,100 से ज्यादा शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
बीएसई सेंसेक्स ने 83,207 के स्तर से कारोबार की शुरुआत की थी और शुरुआती तेजी के बाद गिरते हुए 82,800 के आसपास तक आ गया। वहीं एनएसई निफ्टी 25,580 के करीब खुलने के बाद 25,430 के स्तर तक फिसल गया। सुबह 10:15 बजे के आसपास सेंसेक्स करीब 334 अंक टूटकर 82,912 के स्तर पर और निफ्टी 118 अंक गिरकर 25,467 के आसपास कारोबार कर रहा था।
इससे पहले सोमवार को भी बाजार कमजोरी के साथ बंद हुआ था। मौजूदा हालात में वैश्विक संकेतों और निवेशकों की सतर्कता के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना जताई जा रही है।

