रांची। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में तिरंगा फहराकर परेड की सलामी ली और प्रदेशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह दिन राष्ट्र और संप्रभुता का गौरवगान करने का है, स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने का है, जिन्होंने अपने त्याग और बलिदान से हमें आजादी दिलाई और इस गौरवशाली गणतंत्र का निर्माण किया। जनता की सहभागिता और रचनात्मक सहयोग से झारखंड के नवनिर्माण की राह में आने वाली हर चुनौती का सामना करने में सक्षम होंगे, ऐसा मेरा विश्वास है। हम सभी एक समृद्ध, खुशहाल और सशक्त झारखंड का निर्माण करने के लिए एकजुट होकर प्रयत्न करने का संकल्प लें।
संविधान है हमारा पवित्र दस्तावेज
राज्यपाल ने कहा कि भारत के लोगों ने अपना संविधान स्वयं बनाया और उसे अधिनियमित और आत्मार्पित किया। भारत के सुनहरे भविष्य की आधारशिला 26 जनवरी, 1950 को हमारे संविधान को लागू करने के साथ ही रख दी गई थी। हमारा संविधान अतीत के अनुभवों, वर्तमान की जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाया गया, दुनिया का सर्वश्रेष्ठ संविधान है। 76 वर्षों का यह सफर बताता है कि हम एक सफलतम् लोकतांत्रिक गणतंत्र के रूप में स्थापित हो चुके हैं। ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना से प्रेरित हमारा संविधान एक पवित्र दस्तावेज है, जिसे एक ऐसे राष्ट्र के नागरिकों ने तैयार किया है जिनकी भावनाओं के मूल में विश्व-बंधुत्व और मानव कल्याण की सोच है।
झारखंड निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर
राज्यपाल ने कहा कि झारखंड प्रत्येक क्षेत्र में निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। राज्य में अवसरों की कोई कमी नहीं है। चाहे आधारभूत संरचना में निवेश की बात हो, ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने की बात हो, उद्योग-धंधों में नवाचार की बात हो, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार का कार्य हो अथवा कृषि के क्षेत्र में नये सुधारों को लागू करने की बात हो, आज हर क्षेत्र में नये अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। झारखंड अपने खनिज संसाधनों के कारण ‘रत्नगर्भा’ कहलाता है। यह धरती न केवल सामाजिक और आर्थिक विकास में योगदान दे रही है, बल्कि राष्ट्र को नई दिशा भी प्रदान कर रही है।
झारखंड की बड़ी उपलब्धियां
राज्यपाल ने गिनाईं:
  • पेसा नियमावली-2025: जनजातीय समुदायों की पारंपरिक व्यवस्था को सशक्त बनाने और स्वशासन को मजबूत करने के लिए अधिसूचित। जनजातीय समुदाय के अस्तित्व और अस्मिता की रक्षा की दिशा में यह मील का पत्थर साबित होगी।
  • झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना: महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शुरू।
  • सखी मंडल: ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए गठित।
  • मिशन मोड: युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए शुरू।
  • सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस: अंग्रेजी माध्यम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए 80 स्कूल स्थापित।
  • गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना: छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक बाधाओं को दूर करने के लिए।
  • मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना: ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए।
  • प्रभावी पर्यटन नीति: इसके माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकेगा। पर्यटन के समग्र विकास से झारखंड समृद्धि और पहचान की नई ऊँचाइयों को छुएगा।
  • धान खरीद: 2025-26 में 6 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य, 2,450 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान।
  • जोहार रागी मिशन: गुमला जिले में ग्रामीण महिलाओं द्वारा संचालित, 35 हजार से अधिक किसानों और 500 महिला शेयरधारकों को लाभ।
  • युवा सशक्तिकरण: सरकारी क्षेत्र में रिक्तियों को भरना, व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता, ‘मिशन मोड’ में युवाओं को हुनरमंद बनाना।
  • स्वास्थ्य: सुपर स्पेशियलिटी रिम्स-2, 6 नये चिकित्सा महाविद्यालय, ‘मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना।
  • शिक्षा: 80 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, 325 प्रखंड स्तरीय लीडर स्कूल, व्यावसायिक शिक्षा, विदेशों में शिक्षा के अवसर।
  • औद्योगिक विकास: निवेश को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत सुधार।
  • ऊर्जा क्षेत्र: राज्य को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से काम।
  • आधारभूत संरचना: सड़क, पुल और शहरी विकास में बड़े पैमाने पर निवेश।
  • सामाजिक न्याय: गरीब, दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों के लिए विशेष योजनाएं।
राज्यपाल ने कहा कि इन उपलब्धियों से झारखंड के लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो रहा है और राज्य नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
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