रांची। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने बुधवार को राजभवन (लोक भवन) में ‘राष्ट्रीय युवा उत्सव-2026’ के लिए चयनित राज्य के प्रतिभावान युवाओं से संवाद किया। इस गौरवशाली अवसर पर राज्यपाल ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे केवल एक खिलाड़ी या कलाकार के रूप में नहीं, बल्कि झारखंड की समृद्ध संस्कृति, अद्वितीय प्रतिभा और आत्मविश्वास के प्रतिनिधि के रूप में राष्ट्रीय मंच पर जा रहे हैं।
अनुशासन और परिश्रम की सराहना राज्यपाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि विभिन्न स्तरों की कड़ी चयन प्रक्रिया को पार कर यहां तक पहुंचना आपकी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। उन्होंने न केवल युवाओं, बल्कि उनके मार्गदर्शकों और प्रशिक्षकों के योगदान की भी सराहना की। राज्यपाल ने स्वामी विवेकानंद के कालजयी संदेश— “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए” का आह्वान करते हुए कहा कि यही ऊर्जा इस उत्सव की आत्मा है।
विविधता में एकता का संगम संतोष कुमार गंगवार ने राष्ट्रीय युवा उत्सव को विचारों और संस्कारों का ‘राष्ट्रीय संगम’ करार दिया। उन्होंने कहा कि यह मंच देश भर के युवाओं को एक-दूसरे से सीखने और भारत की सांस्कृतिक विविधता को करीब से समझने का अवसर देता है। राज्यपाल ने जोर दिया कि ‘विकसित भारत 2047’ का सपना युवाओं के संकल्प से ही साकार होगा, इसलिए उन्हें हमेशा सकारात्मक दृष्टिकोण और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना चाहिए।
झारखंड के ब्रांड एंबेसडर होंगे युवा राज्यपाल ने प्रतिभागियों को विशेष नसीहत देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर उनका आचरण और व्यवहार ही झारखंड की छवि को तय करेगा। उन्होंने युवाओं से आत्मविश्वास के साथ विनम्रता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि झारखंड की टीम वहां उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का नाम रौशन करेगी। राज्यपाल ने यह भी वादा किया कि राष्ट्रीय स्तर पर विजेता बनकर लौटने के बाद इन युवाओं का लोक भवन में भव्य स्वागत किया जाएगा।
इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ. नितिन कुलकर्णी ने भी युवाओं को तकनीकी सलाह दी। उन्होंने राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुति के दौरान समय-सीमा, स्लाइड प्रेजेंटेशन और कंटेंट की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा ताकि प्रदर्शन को और अधिक प्रभावशाली बनाया जा सके।

