रांची: झारखंड हाइकोर्ट ने हजारीबाग के चर्चित खासमहल जमीन घोटाले के आरोपी सुधीर कुमार सिंह को राहत देने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति एस.के. द्विवेदी की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुधीर कुमार सिंह की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। इससे पहले हजारीबाग की निचली अदालत (एसीबी कोर्ट) ने भी उनकी याचिका को नामंजूर कर दिया था, जिसके बाद आरोपी ने हाइकोर्ट की शरण ली थी।
क्या है पूरा मामला? यह मामला भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा दर्ज कांड संख्या 9/25 से जुड़ा है। आरोप है कि हजारीबाग के पूर्व उपायुक्त विनय कुमार चौबे ने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ मिलकर खासमहल जमीन की प्रकृति बदल दी। नियम विरुद्ध तरीके से जमीन का नामांतरण (म्यूटेशन) कर अपने करीबियों को आर्थिक लाभ पहुंचाया गया। इस सिंडिकेट में विजय प्रताप सिंह और सुधीर कुमार सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया है।
अदालत में जोरदार बहस सुनवाई के दौरान एंटी करप्शन ब्यूरो की ओर से सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल सुमित गड़ोदिया ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि सरकारी रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ कर कीमती जमीन को निजी हाथों में सौंपना एक बड़ा आर्थिक अपराध है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत ने अग्रिम जमानत की अपील ठुकरा दी। इस फैसले के बाद अब आरोपी पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।
एसीबी इस घोटाले में शामिल अन्य कड़ियों और रसूखदारों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।

