नई दिल्ली। वैश्विक शेयर बाजारों में शुक्रवार को मिलाजुला कारोबारी रुख देखने को मिल रहा है, लेकिन एशियाई बाजारों में बिकवाली का दबाव स्पष्ट है। भारतीय बाजारों के संकेतक गिफ्ट निफ्टी में 0.75% यानी लगभग 192 अंकों की गिरावट इसी तनाव को दर्शाती है।

अमेरिकी बाजारों ने पिछले सत्र में तेज बिकवाली के बाद आंशिक रिकवरी दिखाई थी। डाउ जोन्स दिन के निचले स्तर से करीब 450 अंक सुधरा, हालांकि डाउ जोन्स फ्यूचर्स आज 0.40% की कमजोरी के साथ कारोबार कर रहे हैं। नैस्डैक 0.70% की गिरावट के साथ बंद हुआ। यूरोप में जर्मनी का डीएएक्स 2.11% टूटा, जबकि लंदन का एफटीएसई और फ्रांस का सीएसी मामूली तेजी के साथ बंद हुए।

एशियाई बाजारों में आज आम तौर पर कमजोरी का रुझान है। नौ प्रमुख एशियाई बाजारों में से सात लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। हांगकांग का हैंग सेंग 1.74% और चीन का शंघाई कंपोजिट 1.19% की भारी गिरावट के साथ सबसे अधिक प्रभावित हैं। ताइवान, थाईलैंड और जापान के बाजार भी 0.25% से 1% के बीच गिरे हैं।

हालांकि, इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट 1.38% की तेजी के साथ बाहर निकला है और दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। यह मिलाजुला संकेत बताता है कि निवेशक वैश्विक आर्थिक स्थितियों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों को लेकर सतर्क बने हुए हैं।

भारतीय बाजार पर ग्लोबल कमजोरी और बजट पूर्व लाभ बुकिंग का दबाव दिख रहा है। बाजार की नजरें अब कल पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026 पर टिकी हैं, जो आने वाले सत्रों के लिए दिशा तय कर सकता है।

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