नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने शनिवार को युवाओं से इतिहास से सीख लेकर दूरदर्शी फैसले करने और भारत को एक महान राष्ट्र बनाने की अपील की। युवा मामलों के मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘यंग लीडर्स डायलॉग’ कार्यक्रम में शामिल होते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी देश की असली शक्ति उसके युवाओं के मनोबल में निहित होती है।
युवाओं को संबोधित करते हुए अजीत डोभाल ने निर्णय लेने की क्षमता को नेतृत्व का सबसे महत्वपूर्ण गुण बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी फैसले से पहले दो कदम आगे की सोच जरूरी है और सभी संभावित विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए। सही समय पर लिया गया निर्णय ही भविष्य की दिशा तय करता है।
डोभाल ने वैश्विक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए कहा कि आज के दौर में संघर्ष का मूल कारण अपनी बात मनवाने की कोशिश है। यदि किसी देश या समाज का मनोबल कमजोर हो, तो उसके पास मौजूद आधुनिक हथियार भी प्रभावी साबित नहीं होते। इस संदर्भ में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि मजबूत इच्छाशक्ति और स्पष्ट दृष्टि से ही देश आगे बढ़ता है।
इतिहास के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर आने वाली पीढ़ियां अतीत से सबक नहीं लेंगी, तो यह सबसे बड़ी त्रासदी होगी। उन्होंने स्वीकार किया कि अतीत में भारत अपनी सुरक्षा चुनौतियों को सही ढंग से नहीं समझ पाया, जिसका खामियाजा देश को भुगतना पड़ा। अब समय है कि इतिहास से सीख लेकर भारत को उसकी पहचान, आस्था और मूल्यों के आधार पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाए।
डोभाल ने युवाओं से अपील की कि वे न सिर्फ सही निर्णय लें, बल्कि उन पर दृढ़ रहकर उन्हें सही भी साबित करें। उन्होंने कहा कि प्रेरणा क्षणिक हो सकती है, लेकिन जब उसे अनुशासन में बदला जाता है, तो वह आदत बनकर सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है। युवाओं के मजबूत मनोबल से ही राष्ट्र का मनोबल सशक्त होता है।

