बेंगलुरू । कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने केरल सरकार द्वारा प्रस्तावित मलयालम भाषा विधेयक–2025 को लेकर कांग्रेस पार्टी और सांसद प्रियंका गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि केरल के मामलों में लगातार सक्रिय रहने वाली प्रियंका गांधी क्या कन्नड़ भाषी लोगों के अधिकारों के लिए भी उतनी ही मजबूती से आवाज उठाएंगी।
शनिवार को सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में आर. अशोक ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक के तहत केरल के कन्नड़ माध्यम के स्कूलों में कक्षा पहली से दसवीं तक मलयालम भाषा को पहली भाषा के रूप में अनिवार्य करने की तैयारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला कासरगोड सहित केरल में रहने वाले कन्नड़ भाषी लोगों के भाषाई और सांस्कृतिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
आर. अशोक ने कहा कि प्रियंका गांधी ने केरल में हाथियों के हमलों, वायनाड में आई प्राकृतिक आपदाओं और अन्य मुद्दों पर कर्नाटक सरकार से मदद की मांग की थी, लेकिन अब वे कन्नड़ समाज के अधिकारों पर चुप क्यों हैं। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या कांग्रेस बांदीपुर में रात के यातायात प्रतिबंध हटाने जैसे कर्नाटक से जुड़े अहम मुद्दों पर भी उतनी ही संवेदनशीलता दिखाएगी।
उन्होंने कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे अवैध अप्रवासियों के मुद्दे पर मानवता की दुहाई देते हैं, लेकिन क्या उन्हें कासरगोड के कन्नड़ भाषी नागरिकों की भाषा और संस्कृति की चिंता है।
आर. अशोक ने आरोप लगाया कि केरल का कांग्रेस नेतृत्व बार-बार कर्नाटक के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि कन्नड़ भाषी समाज कांग्रेस की इन नीतियों को लंबे समय तक बर्दाश्त नहीं करेगा और समय आने पर उसे इसका जवाब देगा।

