क्वेटा (बलोचिस्तान)। पाकिस्तान के बलोचिस्तान प्रांत में सुरक्षा स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। क्वेटा के पास सुरक्षा बलों ने बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के एक अस्थायी शिविर पर आज हमला किया, जिसमें बीएलए के चार कमांडर मारे गए। बीएलए प्रवक्ता जैनूद बलोच ने इस हमले की पुष्टि करते हुए अपने शहीद कमांडरों संगत जोहिर उर्फ हक नवाज, मंजूर कुर्द उर्फ बख्तियार चीता, समीउल्लाह उर्फ जावेद फाहलिया और नसीर अहमद उर्फ मीरेक को खोने पर गहरा शोक व्यक्त किया।

जैनूद बलोच ने कहा कि यह हमला 12 जनवरी को कलात जिले के शोर परुद इलाके में हुआ। उन्होंने कहा कि बीएलए अपने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दक्षिण-पश्चिमी बलोचिस्तान में आजादी की मांग जारी रखेगा। बीएलए की ओर से यह हमला पाकिस्तान के सुरक्षा बलों द्वारा क्षेत्र में जबरिया नियंत्रण स्थापित करने के प्रयास के रूप में बताया गया।

उधर, पाकिस्तान सेना के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने कराची से जारी बयान में कहा कि सुरक्षा बलों ने खारान कस्बे में दो बैंक और एक पुलिस थाने पर हमलावर आतंकवादियों को नष्ट किया। आईएसपीआर के अनुसार, 15-20 आतंकवादियों ने बैंक और पुलिस थाने पर हमला कर कर्मियों को बंधक बनाया और बैंकों से 34 लाख पाकिस्तानी रुपये लूटने का प्रयास किया। अभियान के दौरान सभी बंधकों को सुरक्षित बचा लिया गया और तीन मुठभेड़ों में 12 आतंकवादी मारे गए।

इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है। बीएलए और अन्य हिंसक समूहों के बीच जारी संघर्ष ने बलोचिस्तान को अस्थिर बना दिया है। सुरक्षा बलों ने कहा कि वे भविष्य में भी आतंकवाद और उग्रवाद को समाप्त करने के लिए सक्रिय रहेंगे।

पाकिस्तान के सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई बीएलए और अन्य विद्रोही समूहों के खिलाफ कड़ी चेतावनी के रूप में देखी जा रही है। क्षेत्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के हमले और मुठभेड़ों से बलोचिस्तान में तनाव बढ़ा है और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

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