नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को जीवन के चार अहम मूल्यों का महत्व बताया है। उन्होंने कहा कि इंसान का असली सौंदर्य कपड़ों या शक्ल से नहीं, बल्कि गुणों से चमकता है। परिवार की इज्जत नाम या खानदान से नहीं, बल्कि अच्छे स्वभाव और सही आचरण से बनती है। पढ़ाई-लिखाई तभी काम की है, जब वह सफलता तक पहुंचाए और पैसा तभी सार्थक है, जब उसका इस्तेमाल समझदारी और जिम्मेदारी से किया जाए।

प्रधानमंत्री ने बुधवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर संस्कृत का एक सुभाषित साझा कियाा:

गुणो भूषयते रूपं शीलं भूषयते कुलम्।

सिद्धिर्भूषयते विद्यां भोगो भूषयते धनम्॥

इस सुभाषित का अर्थ है कि ये बातें सदियों पुरानी जरूर हैं, लेकिन आज भी उतनी ही सच और जरूरी हैं।

उन्होंने कहा कि देश आगे तभी बढ़ेगा, जब लोग सिर्फ कमाने और दिखाने में नहीं, बल्कि अच्छा इंसान बनने, सही काम करने और संसाधनों का संतुलित उपयोग करने में भरोसा रखें। ज्ञान का मतलब सिर्फ किताबों तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि उसे जमीन पर उतारना और नतीजे में बदलना है। साथ ही पैसा जोड़ना बुरी बात नहीं, लेकिन उससे भी बड़ी बात यह है कि उसे कैसे खर्च किया जा रहा है। क्या वह खुद, समाज और प्रकृति के लिए सही दिशा में जा रहा है या नहीं।

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