नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उनके विचारों को याद करते हुए अहिंसा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पूज्य बापू ने मानवता की रक्षा के लिए हमेशा अहिंसा के मार्ग को अपनाने की प्रेरणा दी और यही वह शक्ति है, जो बिना हथियार के भी दुनिया को बदल सकती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स प पोस्ट साझा करते हुए अहिंसा से जुड़ा सुभाषित लिखा, “अहिंसा परमो धर्मस्तथाऽहिंसा परन्तपः। अहिंसा परमं सत्यं यतो धर्मः प्रवर्तते॥”

इस श्लोक का अर्थ है कि अहिंसा सबसे बड़ा धर्म है और अहिंसा ही सबसे बड़ा तप है। अहिंसा ही परम सत्य है, क्योंकि सभी धर्मों की उत्पत्ति और आधार अहिंसा से ही होता है। अर्थात किसी भी जीव को मन, वचन और कर्म से कष्ट न देना ही सर्वोच्च नैतिकता है। प्रधानमंत्री ने संदेश में यह स्पष्ट किया कि अहिंसा केवल विचार नहीं, बल्कि मानव कल्याण और विश्व शांति का सशक्त माध्यम है।

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