खूंटी। झारखंड आंदोलनकारी एवं आबुआ झारखंड पार्टी के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में शनिवार को बुलाए गए झारखंड बंद का खूंटी जिले में व्यापक असर देखने को मिला। विभिन्न आदिवासी संगठनों के आह्वान पर जिले के खूंटी, तोरपा, मारचा, कर्रा, रनिया समेत कई इलाकों में सुबह से ही सड़क जाम कर दिया गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
बंद समर्थकों ने प्रमुख सड़कों को अवरुद्ध कर दिया, जिसके कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्री वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहा, वहीं जिला मुख्यालय के साथ-साथ तोरपा, तपकरा, मुरहू, अड़की, कर्रा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सभी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान स्वतः बंद रहे। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर आम जनजीवन ठप नजर आया।
आदिवासी संगठनों की मुख्य मांग राजा सोमा मुंडा के हत्यारों की अविलंब गिरफ्तारी है। उल्लेखनीय है कि गत 7 जनवरी को राजा सोमा मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन आदिवासी संगठनों का आरोप है कि इस हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता और शूटर अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
संगठनों ने पुलिस पर मामले की लीपापोती करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनदबाव के कारण निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर मामले को कमजोर किया जा रहा है। बंद को सफल बनाने के लिए शुक्रवार की शाम खूंटी सहित विभिन्न इलाकों में मशाल जुलूस भी निकाला गया था। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।



