भाजपा का कांग्रेस पर हमला: टुकड़े-टुकड़े गैंग को झटका, राहुल गांधी के इकोसिस्टम पर सवाल
नई दिल्ली। 2020 दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साजिश से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कार्यकर्ता उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। कोर्ट ने कहा कि उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता है। दोनों की भूमिका अन्य आरोपियों से अलग और गंभीर है। हालांकि, इसी केस में पांच अन्य आरोपियों—गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा-उर-रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद—को शर्तों के साथ जमानत दे दी गई।इस फैसले पर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय टुकड़े-टुकड़े गैंग को बड़ा झटका है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली दंगे संयोग नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश थे, जो हिंदू विरोध और वोटबैंक की राजनीति का हिस्सा थे। पूनावाला ने राहुल गांधी और कांग्रेस के पूरे इकोसिस्टम से माफी मांगने की मांग की, क्योंकि उन्होंने इन आरोपियों का बचाव किया था।उल्लेखनीय है कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों घायल हुए थे। यह मामला सीएए विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा बताया जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यूएपीए जैसे सख्त कानून में लंबी कैद अपने आप जमानत का आधार नहीं बन सकती। दोनों आरोपी पांच साल से अधिक समय से जेल में हैं।
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