पाकुड़। सीएम रघुवर दास ने कहा कि सुकन्या एक योजना नहीं, बल्कि महिला सशक्तीकरण को केंद्र में रख कर इसे लागू किया गया है, ताकि कन्या भ्रूण हत्या रुके, बाल विवाह पर लगाम लगे, राज्य की बच्चियां शिक्षा से आच्छादित हों और सही समय, सही उम्र में उनका विवाह हो सके। आज बेटियां हर क्षेत्र में अच्छा कर रही हैं। मुख्यमंत्री गुरुवार को पाकुड़ में सुकन्या योजना जागरूकता कार्यक्रम में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि संथाल सरकार की प्राथमिकता में है। यहां का सर्वांगीण विकास, गरीबी को दूर करना सरकार का लक्ष्य है। संथाल की गरीबी, दुर्दशा देखकर पीड़ा होती है। यहां के लोगों के जीवन में कैसे बदलाव आये, इस संबंध में किसी ने नहीं सोचा। लेकिन इस गरीबी रूपी कलंक और दुर्दशा को मिटाने का बीड़ा वर्तमान सरकार ने उठाया है। कहा कि झारखंड की संस्कृति का संरक्षण और संवर्द्धन करने के प्रति सरकार प्रतिबद्ध है। इस निमित संथाल के सभी सरकारी कार्यालयों में हिंदी के साथ-साथ संथाली भाषा यानी ओलचिकि लिपि में उस कार्यालय का नाम दर्ज किया जायेगा। स्कूलों में पांचवीं तक संथाली भाषा ओलचिकी लिपि में भी शिक्षा दी जायेगी। इसके लिए शिक्षक को संविदा पर रखा जायेगा। उन्हें प्रति घंटी के अनुसार 125 का भुगतान किया जायेगा।
इनकी रही मौजूदगी : कल्याण मंत्री लुइस मरांडी, सचिव अमिताभ कौशल, उपायुक्त कुलदीप चौधरी, आयुक्त भगवान दास, डीआइजी राजकुमार लकड़ा सहित अन्य उपस्थित थे।

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