आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। सीएम रघुवर दास ने कहा कि राज्य में मीठी क्रांति के लिए 100 करोड़ की योजना को स्वीकृति प्रदान की गयी है, ताकि राज्य में नीली क्रांति के बाद मीठी क्रांति का आगाज हो सके। प्रथम चरण में राज्य सरकार 1207 किसानों को प्रशिक्षण देने के बाद उन्हें मधुमक्खी पालन के लिए एक लाख लागत की इकाई प्रदान कर रही है, जिसमें 80 हजार की अनुदान राशि दे रही है, जबकि 20 हजार की राशि का भुगतान लाभुक करेंगे। इस तरह एक किसान 20 हजार की पूंजी निवेश कर सालाना 1.30 लाख की आमदनी कर सकता है। मुख्यमंत्री गुरुवार को झारखंड मंत्रालय स्थित सभागार में मीठी क्रांति योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में बोल रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री 24 फरवरी 2019 को उत्तरप्रदेश से और राज्य सरकार रांची के ओरमांझी से प्रधानमंत्री कृषि सम्मान योजना का शुभारंभ करेगी। इसके बाद 27 फरवरी 2019 से राज्य के सभी जिलों में योजना का शुभारंभ होगा। इसके तहत प्रथम चरण में दो हजार रुपये किसानों के खाते में जायेगा। वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत अप्रैल से पांच हजार रुपये राज्य के 22 लाख 76 हजार किसानों को उनके बैंक खाते में जायेगा। इस तरह केंद्र और राज्य सरकार की योजना से एक किसान को न्यूनतम 11 और अधिकत्तम 31 हजार रुपये डबल इंजन की सरकार से प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के किसानों को बदलते समय के अनुसार आधुनिक खेती की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए 100 किसानों को इजरायल भेजा गया। आज वे किसान खुश हैं और आधुनिक खेती की दिशा में कार्य कर रहे हैं। अब हर वर्ष सरकार 100 किसानों को इजराइल भेजेगी। मौके पर मुख्यमंत्री ने सांकेतिक तौर पर जलेश कोंगड़ी, लक्ष्मण महतो, सरिता देवी और अमरुद्दीन अंसारी को मधुमक्खी पालन के लिए एक-एक इकाई सौंपी।

किसानों को सशक्त करना सरकार की प्रतिबद्धता: मंत्री
कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने कहा कि राज्य गठन के बाद नीली क्रांति के बाद मीठी क्रांति का शुभारंभ हो रहा है। किसानों की आय दोगुना करने में मीठी क्रांति वरदान साबित होगी। 12 हजार किसान इस योजना से जुडेंगे।

किसानों को होगा फायदा: संजय सेठ : खादी बोर्ड के अध्यक्ष संजय सेठ ने कहा कि मुख्यमंत्री मीठी क्रांति के लिए हमेशा से प्रयासरत रहे हैं। इसके जरिये हम रोजगार का सृजन कर सकते हैं। किसानों को एक लाख से ज्यादा की आमदनी एक मधुमक्खी की इकाई से होने का अनुमान है। आॅर्गेनिक मधु की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।

इनकी रही मौजूदगी
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल, सचिव पूजा सिंघल, निदेशक रमेश घोलप समेत अन्य मौजूद थे।

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