Ranchi: जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद पूरा देश उबल रहा है। 40 जवानों की शहादत से देश का खून खौल रहा है। हर तरफ से एक ही आवाज उठ रही है, पाकिस्तान पोषित आतंकवादियों से बदला लो। देश की आवाज पर भारत सरकार ने भी अपना रुख बेहद कड़ा कर लिया है। पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त को वापस बुला लिया गया है और पाकिस्तान को दिया गया मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस ले लिया है। सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यह जानकारी दी। उधर अमेरिका समेत पूरी दुनिया ने इस आतंकी हमले की निंदा की है। अमेरिका ने पाकिस्तान से कहा है कि वह अपनी जमीन पर आतंकी गतिविधियों का संचालन हर कीमत पर बंद करे। उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया है कि भारत इन हमलों का मुंहतोड़ जवाब देगा। उन्होंने कहा है कि सेना समेत सुरक्षा बलों को पूरी छूट दे दी गयी है। वे समय और स्थान अपने हिसाब से तय करें। पीएम ने कहा कि आतंकियों ने अपने आका पाकिस्तान की शह पर जो कायराना हमला किया है, उसकी उन्हें बड़ी कीमत चुकानी होगी। भारत इन हमलों के आगे नहीं झुकेगा। प्रधानमंत्री ने शहीदों के सम्मान में दो दिन के अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिये हैं।
इधर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को श्रीनगर पहुंचे और आतंकी हमले के बाद स्थिति का जायजा लिया। वह अस्पताल जाकर घायल जवानों से मिले और शहीदों को कंधा भी दिया। उन्होंने कहा कि भारत अब चुप नहीं बैठेगा।
दूसरी तरफ पुलवामा हमले के बाद देश भर में गम और गुस्से का माहौल है। देश के हर हिस्से में लोग गमजदा और गुस्से में हैं। वे पाकिस्तान के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई शहरों में कैंडल मार्च और श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया, जिसमें आतंकी हमलों की भर्त्सना की गयी। स्कूली बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इन प्रदर्शनों में शामिल हुए। इसके अलावा तमाम राजनीतिक दलों, समाज के प्रबुद्ध वर्गों, खिलाड़ियों, फिल्मी हस्तियों और अन्य प्रमुख लोगों ने एक स्वर से इन हमलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इन लोगों ने कहा है कि अब किसी से कोई बातचीत नहीं हो, केवल एक्शन हो। भाजपा और कांग्रेस समेत लगभग सभी दलों ने शहीद जवानों के सम्मान में अगले दो दिन तक अपने कार्यक्रम स्थगित कर दिये हैं।
उधर आतंकी हमले के बाद पुलवामा समेत पूरे कश्मीर में एनआइए की कई टीमें जांच कर रही हैं। सेना ने पूरे इलाके को अपने कब्जे में लेकर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है। इस अभियान में एनएसजी के कमांडो भी उसकी मदद कर रहे हैं।
पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों के पार्थिव शरीर को शुक्रवार को श्रीनगर में अंतिम सलामी दी गयी। अब इन शहीदों को उनके पैतृक गांव भेजा जा रहा है। शहीदों के गांवों में भी गम और गुस्सा है। कई शहीदों के परिजनों ने इस हमले का बदला लेने का आह्वान किया है। गांवों के लोग अपने बेटों के बलिदान को बेकार नहीं जाने का संकल्प ले चुके हैं।