रांची। संथाल परगना में कार्यरत संगठन पॉपुलर फ्रंट आॅफ इंडिया (पीएफआइ) पर झारखंड सरकार ने मंगलवार को फिर से प्रतिबंध लगा दिया है। गृह विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। इससे पहले राज्य सरकार ने 21 फरवरी 2018 को पीएफआइ पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन बाद में झारखंड हाईकोर्ट ने तकनीकी खामियों के आधार पर प्रतिबंध को निरस्त कर दिया था। गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि विस्तृत समीक्षा के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि पीएफआइ झारखंड के साथ-साथ पूरे राष्ट्र में विशेषकर केरल, असम, पश्चिम बंगाल, बिहार में भी हिंसा, सांप्रदायिक उन्माद एवं कट्टरता के आधार पर सामाजिक विभाजन करवा रहा है। साथ ही, भारत विरोध एवं पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाता है। आइएसआइएस एवं जेएमबी जैसे आतंकी संगठनों के साथ संबंध रखने एवं विधि व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में संलिप्त रहा है।
हाइकोर्ट ने 27 अगस्त 2018 को हटाया था प्रतिबंध
पीएफआइ को झारखंड में प्रतिबंधित करने के राज्य सरकार के आदेश को हाइकोर्ट ने 27 अगस्त 2018 को खारिज कर दिया था। संगठन को प्रतिबंधित करते हुए सरकार ने बताया था कि इस संगठन के कई सदस्य सीरिया गये हैं और आइएसआइएस के लिए काम करते हैं। इस प्रतिबंध के खिलाफ संस्था के महासचिव साहेबगंज निवासी अब्दुल वदूद की याचिका पर सुनवाई के बाद जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की अदालत ने कहा था कि संगठन को प्रतिबंधित करने के पर्याप्त कारण सरकार नहीं बता पायी।