Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Monday, July 6
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»Top Story»अब पैन्गोंग एरिया से हटने लगे भारत-चीन के सैनिक
    Top Story

    अब पैन्गोंग एरिया से हटने लगे भारत-चीन के सैनिक

    shivam kumarBy shivam kumarFebruary 16, 2021No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email
    पूर्वी लद्दाख में पैन्गोंग झील क्षेत्र के दोनों किनारों से बख्तरबंद, टैंक और पक्के निर्माण हटने के साथ ही अब दोनों देशों के सैनिकों की वापसी शुरू हो गई है। भारत-चीन के बीच समझौते के बाद पीछे हटने की चल रही इस प्रक्रिया की पहली बार सेना की ओर से अधिकृत तस्वीरें और वीडियो जारी करके इसकी पुष्टि की गई है। इसके साथ ही भारत और चीन के सैनिकों ने पैन्गोंग के दक्षिण में कैलाश रेंज से भी पलायन शुरू कर दिया है। यह प्रक्रिया इसलिए तेजी से चल रही है, क्योंकि शुक्रवार तक इसे पूरा करने की तैयारी है।

    भारतीय सेना ​की उत्तरी कमान ​की ओर से जारी​ तस्वीरों और वीडियो में​ पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ​(पीएलए) ​के सैनिकों को उनके टेंट और शिविरों को नष्ट करते हुए और हल्के वाहनों में ले जाते हुए दिखाया गया है। सैनिकों के बड़े समूहों को ‘डी-इंडक्शनिंग’ और सैनिकों और उपकरणों के साथ पीछे की ओर बढ़ते वाहनों को देखा जा सकता है।​ ​पैन्गोंग झील के उत्तर और दक्षिण तट पर बुनियादी ढांचे ​को तोड़ने ​के ​बाद उक्त स्थानों को समतल करने के लिए जेसीबी ​​का उपयोग करते हुए चीनी ​सैनिक दिखाई दे रहे ​हैं। दोनों देशों ​की सहमति से हुए समझौते के अनुसार ​दोनों पक्षों को ​सभी ​तरह के पक्के निर्माण हटाकर वहां की जगह को भी ​शुक्रवार तक ​ ​समतल किया जाना है​​।

     
    रक्षा और सुरक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने कहा कि ​अभी तक ​विघटन प्रक्रिया ​’​सही रास्ते पर​’​ है​​। ​पैन्गोंग झील के दक्षिणी तट पर दोनों देशों के टैंक कई जगहों पर महज 100 मीटर की दूरी पर फायरिंग रेंज में आ गए थे जिसकी वजह से कभी भी टकराव का आशंका बनी रहती थी। अब समझौते के बाद चीन ने मुख्य युद्धक टैंकों को ​रुतोग सैन्य अड्डे तक​ ​खींच लिया गया है। इससे अब भारत-चीन के सैनिकों के टैंकों की दूरी बढ़ गई है।​ ​​चीन ने कुल मिलाकर लगभग 200 ऐसे वाहनों को वापस ले लिया है।​ ​​चीन ने गतिरोध के दौरान बहुत सारे बुनियादी ढांचे का विकास किया था,​ जिन्हें तोड़ दिया गया है​​​।​ ​​दक्षिण ​किनारे से बख्तरबंद और मशीनीकृत कॉलम हटने के बाद अब दोनों देशों के सैनिकों को हटाने पर फोकस किया जा रहा है​।​​ 
     
    भारत और चीन के बीच दक्षिणी किनारे पर तब टकराव बढ़ा था, जब भारतीय सेना ने ​29​/30 अगस्त ​की रात ​’​ऑपरेशन​ लोपर्ड’​ ​के तहत 76 किमी. क्षेत्र में फैली कैलाश रेंज की महत्वपूर्ण ऊंचाइयों पर कब्जा कर लिया​ था​। इसी दौरान 45 साल के इतिहास में पहली बार एलएसी पर हवा में फायरिंग तक हुई थी।​ ​समझौते के ​मुताबिक ​अब भारत के सैनिकों ने ​​कैलाश रेंज से हटना शुरू कर दिया है।​ सैनिकों की वापसी फिलहाल गुरुंग और मगर हिल्स से हो रही है, इसके ​बाद रेचिन ला​, रेजांग ला ​से भी सैनिक हटेंगे।​ ​​​सूत्रों ने कहा कि विघटन प्रक्रिया ​का मानवरहित हवाई वाहनों और उपग्रहों के माध्यम से सत्यापन किया जा रहा है।​ दोनों पक्षों की संतुष्टि के लिए​ पैन्गोंग झील के दोनों किनारों ​से विघटन प्रक्रिया पूरी होने के 48 घंटे बाद वाहिनी कमांडर स्तर की वार्ता का अगला दौर ​होगा।​ इसमें रणनीतिक ​डेप्सांग प्लेन, गोगरा पोस्ट और हॉट स्प्रिंग क्षेत्र को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।
    ​
    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleवायरल हुआ कंगना रनौत का वीडियो, मिट्टी के बर्तन खरीदती आईं नजर
    Next Article पेट्रोल-डीजल पर लागू अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी को कांग्रेस ने बताया ‘मोदी टैक्स’
    shivam kumar

      Related Posts

      रांची में SIR अभियान तेज, सुबह 6 बजे घर-घर पहुंचेंगे BLO

      July 5, 2026

      गढ़वा में पुलिस का बड़ा एक्शन, अर्धनिर्मित मकान में हो रही गांजा की खेती का भंडाफोड़

      July 5, 2026

      नियम तोड़ने वाले पब-बार पर छापेमारी, लाइसेंस और संचालन व्यवस्था की हुई जांच

      July 5, 2026
      Add A Comment

      Comments are closed.

      Recent Posts
      • नोएडा में शेयर बाजार निवेश के नाम पर 35 लाख की साइबर ठगी
      • राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में जांच तेज, जेल में 5 आरोपियों से शुरू हुई पूछताछ
      • वाराणसी: नेटवर्क मार्केटिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी, पुलिस ने रुकवाया ‘मेडलियन ज्वेलर्स’ का कार्यक्रम
      • 61 की उम्र में तीसरी बार दूल्हा बने आमिर खान
      • प्रयागराज में सीएम योगी का मेगा इवेंट: 6 जुलाई को करेंगे तीन महान विभूतियों की प्रतिमाओं का अनावरण
      Read ePaper

      City Edition

      Follow up on twitter
      Tweets by azad_sipahi
      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

      Palamu Division

      • Garhwa
      • Palamu
      • Latehar

      Kolhan Division

      • West Singhbhum
      • East Singhbhum
      • Seraikela Kharsawan

      North Chotanagpur Division

      • Chatra
      • Hazaribag
      • Giridih
      • Koderma
      • Dhanbad
      • Bokaro
      • Ramgarh

      South Chotanagpur Division

      • Ranchi
      • Lohardaga
      • Gumla
      • Simdega
      • Khunti

      Santhal Pargana Division

      • Deoghar
      • Jamtara
      • Dumka
      • Godda
      • Pakur
      • Sahebganj

      Subscribe to Updates

      Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

      © 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.
      • Privacy Policy
      • Terms
      • Accessibility

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

      Go to mobile version