झारखंड हाई कोर्ट में सोमवार को मोरहाबादी के 202 दुकानदारों ने संयुक्त रूप से उपायुक्त, नगर आयुक्त, जिला दंडाधिकारी के ऊपर बाद दाखिल किया है। इसमें इस बात का जिक्र किया गया है कि वर्षों से ठेला खोमचा, गुमटी लगाकर व्यापार कर रहे दुकानदारों को गलत तरीके से हटाया जा रहा है।

याचिका में कहा गया है कि 27 जनवरी को मोरहाबादी में गैंगवार के बाद 28 जनवरी को शाम छह बजे के बाद जिला प्रशासन के द्वारा मोरहाबादी में निषेधाज्ञा लगा दी गई एवं धारा 144 लगा दिया गया था। वहां से दुकानदारों को तुरंत ठेला, खोमचा, गुमटी हटाने का आदेश दे दिया गया। इस वजह से 300 दुकानदार अपनी रोजी-रोटी के लिए तरस रहे हैं। 16 दिनों से सभी दुकानें बंद हैं। दुकानदारों ने 14 दिनों तक लगातार आंदोलन किया। रांची नगर निगम ने दो बार इनका धरना खत्म कराया और जगह भी आवंटित की। निगम के द्वारा दुकानदारों के लिए जेसीबी लगाकर साफ-सफाई भी की गई, लेकिन इसके बाद नगर निगम जगह देने की बात से मुकर गया।

दुकानदार संघ के अध्यक्ष कुमार रोशन ने कहा कि कोर्ट पर हमारा भरोसा है। हम सभी न्यायालय के फैसले को बिना शर्त मानेंगे।

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