पटना। उपेन्द्र कुशवाहा के नेतृत्व में नई पार्टी के गठन की घोषणा को बिहार सरकार के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने जदयू में पहला विद्रोह बताया है। उन्होंने कहा कि उपेन्द्र कुशवाहा के विद्रोह के साथ ही नीतीश कुमार के संन्यास लेने की उल्टी गिनती शुरू हो गई।
उन्होंने आज यहां कहा कि नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी को विश्वास में लिए बिना राजद के तेजस्वी यादव को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया, जिससे जदयू का कोई विधायक संतुष्ट नहीं है।
उन्होंने कहा कि जदयू के विधायक विधानसभा की सदस्यता छिन जाने के डर से उत्तराधिकारी घोषित करने के विरुद्ध बोल नहीं पा रहे, लेकिन तेजस्वी यादव को नेता मानने के लिए कोई तैयार नहीं। तेजस्वी यादव या लालू परिवार के किसी व्यक्ति को जनता भी स्वीकार नहीं करेगी। लालू-राबड़ी के पुत्र तेजस्वी यादव परिवार से अलग नहीं हैं। विडम्बना यह कि जिस परिवार के भ्रष्ट राजपाट के विरुद्ध भाजपा के साथ मिल कर जदयू लड़ता रहा, उसी कुनबे के राजकुमार को नीतीश कुमार अपना उत्तराधिकारी बता रहे हैं।
सुशील मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री अब काफी कमजोर हो चुके हैं। वे जदयू में विद्रोह और विघटन को रोक नहीं पाएंगे।