उदालगुड़ी (असम)। असम, पश्चिम बंगाल और मेघालय पुलिस को परेशान करने वाला खूंखार डकैत कीनाराम बोडो शुक्रवार को पुलिस के साथ उदालगुड़ी जिला के रौता में मुठभेड़ में मारा गया। मुठभेड़ में दो पुलिस कर्मी भी घायल हो गये हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि उदालगुड़ी जिला के ओरंग पुलिस थानांतर्गत गेलबिल निवासी डकैत कीनाराम बोडो से असम के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और मेघालय पुलिस भी परेशान थी। पुलिस को उसके अपने एक अन्य दोस्त के साथ बंदूक लेकर इलाके में किसी वारदात को अंजाम देने के लिए आने की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस टीम ने डकैत को पकड़ने के लिए अभियान आरंभ किया। पुलिस को देख डकैत ने गोलीबारी शुरू कर दी। यह मुठभेड़ रौता थाना अंतर्गत दैफांग नलबाड़ी बाजार के पास धनश्रीखुटी गांव नंबर-1 निवासी एक व्यक्ति के घर के पीछे बागीचे में हुई।
पुलिस के मुताबिक आत्मरक्षा में पुलिस की गोलीबारी में कीनाराम बोडो मारा गया, जबकि उसका दूसरा साथी मौके से फरार हो गया। मुठभेड़ में घायल पुलिस कर्मियों में सब इंस्पेक्टर हिरज्योति पेगु और कांस्टेबल सुकुमार बर्मन को इलाज के लिए उदालगुड़ी सदर चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। बाद में हालत गंभीर देख हिरकज्योति पेगु को उन्नत इलाज के लिए गुवाहाटी मेडिकल कालेज एंड अस्पताल में रेफर कर दिया गया। मृतक डकैत कीनाराम बोडो असम समेत तीन राज्यों की वांटेंड सूची में शामिल था। पुलिस ने मारे गए लुटेरे के पास से एक पॉइंट 9 एमएम की पिस्टल और गोलियां बरामद की हैं। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में डकैत के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया।