कोडरमा। प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी सह पूर्व विधायक स्व. विश्वनाथ मोदी की 13वीं पुण्यतिथि बुधवार को झुमरीतिलैया में मनाई जाएगी। विश्वनाथ मोदी का जन्म 20 जुलाई, 1920 को हुआ था और 14 फरवरी, 2011 को उन्होंने अंतिम सांस ली थी। स्वतंत्रता आंदोलन 1942 में वे 8 महीने तक जयप्रकाश नारायण के साथ हजारीबाग जेल में रहे। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्होंने आंदोलन कारियों के साथ डोमचांच में डाकघर को आग लगाया था।
गिरफ्तारी के पहले अंग्रेजी हुकूमत ने उनकी खूब पिटाई करवाई और मरा समझकर गाड़ी पर फेंकवा दिया। कुछ दिनों बाद उनके जीवित होने की खबर आई तो इलाके में दीए जलाए गए थे। मोदी ने जीवनभर अभ्रक मजदूरों, किसानों के शोषण के खिलाफ लड़ाई लडी। वे 1975 में डॉ. राम मनोहर लोहिया के साथ भागलपुर व हजारीबाग जेल में बंद रहे थे। मोदी 1967, 1969 एवं 1977 में कोडरमा से विधायक रहे। उन्होंने 1977 में बिहार विधानसभा के लोक लेखा समिति के सभापति का भी दायित्व निभाया।
1965 में झुमरी तिलैया में कांग्रेस हटाओ देश बचाओ आंदोलन चलाया तथा 1969 के चुनाव में कांग्रेस की ओर से सुरेंद्र शर्मा के विरोध में चुनाव लडा था। कहा जाता है कि उस समय कांग्रेस की ओर से इंदिरा गांधी प्रचार के लिए झुमरीतिलैया पहुंची थी। एक तरफ इंदिरा गांधी का भाषण चल रहा था तो दूसरी ओर विश्वनाथ मोदी का। इनकी आवाज में बुलन्दी थी और तब श्रोताओं की संख्या दूसरी सभा से कम नहीं थी।
स्वतंत्रता सेनानी विश्वनाथ मोदी को पर्यावरण से भी काफी लगाव था और गांधी स्कूल रोड स्थित अपने आवास परिसर 14 एकड़ में लगभग सात हजार पौधे लगाये थे, जिसमें अभी कई वृक्ष लगे हुए हैं। उन्होंने 1977 में पांच साल में नया हिंदुस्तान कैसे बने पुस्तक लिखी थी। वहीं, 1999 में जनता जाने बड़े नेताओं के बड़े अपराध पुस्तक भी लिखी थी, जिसमें उन्होंने 1942 से देश में घटी महत्वपूर्ण घटनाओं का जिक्र किया था।