झारखंड मंत्रालय में सोमवार को मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन की अध्यक्षता में सरकार की दूसरी आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक हुई. इसमें कुल 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी. इस संबंध में कबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बताया कि झारखंड राज्य के विश्वविद्यालयों, अंगीभूत एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों (घाटानुदानित अल्पसंख्यक महाविद्यालयों सहित) में सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति और पीएचडी में प्रवेश के लिए जेट के आयोजन के लिए जेट एग्जामिनेशन कंडकशन रुल के गठन की स्वीकृति दी गयी।
चतुर्थ चरण में अंगीभूत किये गये महाविद्यालयों के एस०सी०/एस०टी० शिक्षकों की नियुक्ति के समय शैक्षणिक अर्हता को माननीय राज्यपाल द्वारा शिथिल किये जाने के उपरांत 22 एस०सी०/एस०टी० शिक्षकों का सेवा सामंजन एवं वेतन निर्धारण उपलब्ध सृजित पदों के विरूद्ध Date of absorption की तिथि से करने की स्वीकृति दी गई।
शिक्षा निदेशालय, राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों एवं राजकीय पोलिटेकनिक संस्थानों में शिक्षक एवं अन्य पदों पर नियुक्ति हेतु भर्ती एवं सेवा शर्तों के लिए झारखंड तकनीकी शिक्षा सेवा नियमावली, 2023 के गठन की स्वीकृति दी गई।
गढ़वा अन्तर्गत ‘नगरउंटारी (NII-75 पर) गरबाँध- रोहनीया (MDR-138 पर) पथ (कुल लंबाई-15.740 कि०मी०) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं पुनर्निर्माण कार्य (भू-अर्जन सहित)” हेतु रु० 61,52,41,700/- (एकसठ करोड़ बावन लाख एकतालीस हजार सात सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
गढ़वा अन्तर्गत “डेंटल मोड़ (NII-75 पर) से नावाडोहरी (NH-343 पर) भाया हुर चारमुहान पथ (कुल लम्बाई-15.132 कि०मी०) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं पुनर्निर्माण (भू-अर्जन, युटिलिटी शिफ्टींग, R&R एवं वृक्षारोपण सहित) कार्य” हेतु रु० 97,60,16,200/- (संतानवे करोड़ साठ लाख सोलह हजार दो सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
गढ़वा अन्तर्गत “NH-75 से मंझिआंव PWD पथ भाया विकताम दलेली पथ (कुल लम्बाई- 9.084 कि०मी०) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं पुनर्निर्माण (भू-अर्जन, युटिलिटी शिफ्टींग, R&R एवं वृक्षारोपण सहित) कार्य” हेतु रू० 39,33,73,000/- (उन्चालीस करोड़ तैंतीस लाख तीहत्तर हजार रू०) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
गिरिडीह अन्तर्गत “बिरनी (विराजपुर)-खेसखारी भाया बेलना, चितनखारी, ताराटांड, बराडीह, झरखी पथ (कुल लम्बाई- 22.215 कि०मी०) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण, मजबूतीकरण / पुनर्निर्माण कार्य (पुल कार्य, भू-अर्जन एवं वनरोपण सहित)” हेतु रू0 80,38,06,100/- (अस्सी करोड़ अड़तीस लाख छः हजार एक सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
राज्य के छात्राओं को तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने हेतु प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के उद्देश्य से “मांकी मुण्डा छात्रवृत्ति योजना” लागू करने की स्वीकृति दी गई।
केन्द्र प्रायोजित योजना अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन 2.0 (अमृत 2.0) एवं विश्व बैंक संपोषित झारखंड म्युनीसिपल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (JMDP) अंतर्गत 14436.84 लाख रु. की लागत पर तकनीकी अनुमोदन प्राप्त लोहरदगा शहरी जलापूर्ति परियोजना की प्रशासनिक स्वीकृति एवं इस योजना के Standard Bid Document (SBD) की स्वीकृति दी गई।
केन्द्र प्रायोजित योजना अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन 2.0 (अमृत 2.0) एवं विश्व बैंक संपोषित झारखंड म्युनीसिपल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (IMDP) अंतर्गत 11289.83 लाख रु. की लागत पर तकनीकी अनुमोदन प्राप्त गुमला शहरी जलापूर्ति परियोजना की प्रशासनिक स्वीकृति एवं इस योजना के Standard Bid Document (SBD) की स्वीकृति दी गई।
राँची स्मार्ट सिटी क्षेत्र अन्तर्गत निर्माणाधीन झारखंड सरकार के 11 कैबिनेट मंत्री के आवास हेतु कुल राशि रू० 114,47,21,100/- (एक सौ चौदह करोड़ सैंतालीस लाख इक्कीस हजार एक सौ रूपये) के पुनरीक्षित तकनीकी स्वीकृति प्राप्त प्राक्कलन पर पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा के अंतर्गत जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज में संचालित विधि संकाय को जमशेदपुर को-ऑपरेटिव लॉ कॉलेज के रूप में अंगीभूत कर स्वीकृत एवं स्थापित करने की स्वीकृति दी गई।
झारखंड माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2023 को अधिनियमित करने हेतु झारखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2023 को झारखंड विधान सभा के आगामी बजट सत्र में पुरःस्थापित करने के बिन्दु पर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई।
बिश्रामपुर नगर परिषद अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) योजना के लोक – निजी भागीदारी (Public Private Partnership Mode) की पद्धति के आधार पर कार्यान्वयन हेतु रु० 15722.45 लाख (रु० एक सौ सत्तावन करोड़ बाईस लाख पैंतालिस हजार) मात्र की योजना की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
राज्यपाल सचिवालय, झारखंड, राँची की स्थापना में ‘राज्यपाल के वरीय आप्त सचिव’ का 01 (एक) पद, वेतनमान PB-IV, 37400-67000/-, GP-8700/- में सृजित करने की स्वीकृति दी गई।
झारखंड सम्पूर्ण बिजली आच्छादन योजना अन्तर्गत शेष बचे हुए कार्यों को पूर्ण करने हेतु मार्च, 2024 तक योजना के अवधि विस्तार की स्वीकृति की स्वीकृति दी गई।
झारखंड राज्य विधि आयोग की कार्यावधि दिनांक-14.11.2023 से 13.11.2025 तक भूतलक्षी प्रभाव से विस्तारित करने की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
भारत के संविधान के अनुच्छेद 243-1 सह-पठित अनुच्छेद 243-Y तथा झारखंड पंचायत राज अधिनियम 2001 की धारा 114 (1) के तहत् पंचम राज्य वित्त आयोग के गठन की स्वीकृति दी गई।
गिरिडीह अन्तर्गत “युनियन बैंक गाण्डेय मोड़ से युनियन बैंक प्रतापपुर पथ (कुल लम्बाई – 10.465 कि०मी०) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं पुनर्निर्माण कार्य (भू-अर्जन एवं वृक्षारोपण सहित)” हेतु रू0 25,07,37,400/- (पच्चीस करोड़ सात लाख सैंतीस हजार चार सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
पंचम झारखंड विधान सभा के चतुर्दश सत्र (दिनांक 05.02.2024 से 06.02.2024 तक) में माननीय राज्यपाल महोदय द्वारा दिये गये अभिभाषण पर मंत्रिपरिषद की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
The Jharkhand Law Officer (Engagement) Rules, 2018 में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
झारखंड राज्यान्तर्गत अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के नियंत्रणाधीन छात्रावास निर्माण, संचालन एवं प्रबंधन हेतु झारखंड अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/पिछड़ी जाति/अल्पसंख्यक छात्रावास पोषण योजना, 2024 के गठन की स्वीकृति दी गई।
पंचम झारखंड विधान सभा का चतुर्दश सत्र (दिनांक 05.02.2024 से 06.02.2024 तक) के सत्रावसान पर मंत्रिपरिषद् की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।
कर्त्तव्य के दौरान नक्सली/उग्रवादी घटनाओं में मारे गये इंडिया रिजर्व बटालियन के जवानों/कर्मियों के शेष कर्त्तव्य अवधि के वेतन के समतुल्य राशि उनके आश्रितों को भुगतान करने की स्वीकृति दी गई।
वित्तीय वर्ष 2017-18 में मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृत एवं विभागीय राज्यादेश संख्या-18 दिनांक-19.07.2017 द्वारा कृषकों को कृषि ऋणों पर ब्याज अनुदान (Interest Subvention) की योजना के तहत छूट की राशि 3% (तीन प्रतिशत) के स्थान पर 4% (चार प्रतिशत) करने तथा वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए कुल राशि रू0 2500.00 लाख (पचीस करोड़ रूपये) मात्र की योजना कार्यान्वयन की स्वीकृति दी गई।