रांची। लोकसभा चुनाव में झारखंड फतह पर कांग्रेस ने सोमवार को चर्चा की। नवगठित झारखंड प्रदेश कांग्रेस चुनाव समिति की पहली बैठक कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। इसमें प्रदेश कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर उपस्थित थे। इसमें झारखंड की लोकसभा की सभी 14 सीटों के संदर्भ में विस्तारपूर्वक चर्चा की गयी। प्रत्येक सीट के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण किया गया। इसमें क्षेत्र की भौगोलिक, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, जातिगत आंकड़ों की स्थिति को सामने रख कर ठोस निष्कर्ष पर पहुंचने का प्रयास किया गया। इस क्रम में प्रत्येक लोकसभा के तीन-तीन संभावित प्रत्याशियों के नाम को चयनित कर अंतिम निर्णय के लिए आलाकमान के समक्ष प्रस्तुत किये जाने पर भी चर्चा की गयी।
लोस चुनाव के लिए कांग्रेस की तैयारी पूरी: मीर
इस दौरान गुलाम अहमद मीर ने कहा कि झारखंड में कांग्रेस सभी लोकसभा क्षेत्र में चुनाव लड़ने के लिए कमर कस कर तैयार हो चुकी है। कार्यकर्ता पूरे उत्साह में हैं। भारत जोड़ो न्याय यात्रा की सफलता से झारखंड में कार्यकर्ताओं के बीच एक नया जोश पैदा हुआ है, जो लोकसभा चुनाव तक केंद्र की जन विरोधी सरकार के खिलाफ जुनून के रूप में बदल जायेगा और यही जोश केंद्र की नापाक सरकार को सत्ता से बेदखल करेगा। हम सब केंद्र सरकार की हर गतिविधि पर गहरी नजर रख रहे हैं। जनता भी खुली आंखों से मोदी सरकार द्वारा देश में किये जा रहे समाज विरोधी कृत्यों को देख रही है। देश में बदलाव का दौर आनेवाला है। हमें पूरी ताकत से चुनाव में लगना होगा। हमारी मेहनत और जनता का साथ, देश को बदलाव के नये दौर में ले जायेगा।
हर सीट के लिए रायशुमारी की गयी: राजेश ठाकुर
प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि चुनाव समिति के सभी सदस्यों ने प्रत्येक सीट पर अपनी राय जाहिर की है। चुनाव समिति के सभी सदस्यों की समवेत राय से लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने और गठबंधन तथा प्रत्याशियों के चयन के लिए आलाकमान को अधिकृत कर दिया गया है। आलाकमान का निर्णय ही अंतिम निर्णय होगा। कोई भी दल चुनाव लड़ने के लिए सभी सीटों पर तैयारी करता है, परंतु गठबंधन की भी बातें सामने हैं। समय अनुसार गठबंधन पर निर्णय होने के पश्चात इसमें सीटों और प्रत्याशियों के संबंध में अंतिम निर्णय आला कमान द्वारा लिया जायेगा।
इनकी रही मौजूदगी
बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के साथ ही विधायक दल के नेता आलमगीर आलम, डॉ रामेश्वर उरांव, सुबोधकांत सहाय, प्रदीप बलमुचू, सुखदेव भगत, गीता कोड़ा, बंधु तिर्की, जलेश्वर महतो, शहजादा अनवर, फुरकान अंसारी, बन्ना गुप्ता, बादल, प्रदीप यादव, दीपिका पांडेय सिंह, काली चरण मुंडा सहित अन्य भी उपस्थित थे।